पुलिस ने मुठभेड़ में सात बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

ऐसा कबूलनामा जिसे सुन कांप जाएगी रुह !, प्रयागराज में हुई कई घटनाओं का राजफाश | DJN |

प्रयागराज। संगमनगरी से बेहद चौकाने वाली खबर सामने आई है। जहां, पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान उन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। जिनकी हैवानियत सुनकर हर किसी का कलेजा कांप उठे। जिले की सबसे चर्चित थरवई सामूहिक हत्याकांड में पकड़े गए सातों बदमाश खूंखार होने के साथ साइको किलर है। थरवई, गोहरी और मांडा में महिलाओं को मौत के घाट उतारने के बाद उनके शवों के साथ दुष्कर्म करते थे। इस दौरान वह नशे में धुत रहते थे। इन सभी घटनाओं ने बदमाशों ने घर में घुसते ही कुल्हाड़ी, हथौड़ी और पेचकस से हमला कर लोगों को मार देते है। वहीं, पुलिस दुष्कर्म के आरोपों को साबित करने के लिए आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराएगी। 

दरअसल, फाफामऊ के अंतर्गत आने वाले गोहरी इलाके में बीते साल नंवबर में एक परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई थी। मृतकों में पति, पत्नी, बेटी और 10 साल का एक दिव्यांग बेटा शामिल था। इस घटना में 25 साल की लड़की का शव नग्न अवस्था में पाया गया था। बदमाशों ने बताया कि इस घटना को मोनू, रोहित, पीपी कुमार, नवल, मुर्गी, बुंदेला, आकाश और डेढ़गांव ने अंजाम दिया था। इस घटना में साजिश रचने में भीम, संगीता और नेहा शामिल थी। इसी तरह थरवई हत्याकांड में 16 अप्रैल एक ही परिवार के 5 लोगों की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान महिलाओं के साथ रेप की भी बात बदमाशों ने पुलिस से पूछताछ में स्वीकार की है।

मुठभेड़ में घायल हुए बदमाश

मुठभेड़ में घायल तीन बदमाशों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गिरफ्तार आकाश खरवार, भीम कुमार गौतम, मोनू कुमार और संगीता से पूछताछ शुरू हुई। आकाश, भीम और मोनू ने बताया कि उनके गैंग में दो महिलाओं को मिलाकर 13 सदस्य हैं। महिलाएं साथ में रेकी का काम करती थीं, जबकि अन्य सभी घटनाओं को अंजाम देते थे। । छह वारदातों को कबूल करते हुए बताया कि थरवई क्षेत्र में पांच लोगों की हत्या के बाद परिवार की बहू और बेटी के शव के साथ दुष्कर्म किया गया था। फाफामऊ क्षेत्र में चार लोगों की हत्या कर 16 वर्षीया लड़की के शव के साथ दुष्कर्म किया गया था। इसी प्रकार मांडा में तीन की हत्या की गई थी। जिसमें बदमाशों ने 16 साल की लड़की को मारने के बाद उसके साथ रेप किया था। 

लोगों के जगने पर उन्हें मार देते थे

गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि उनका घर में लूट का इरादा रहता था ये भी तय रहता था कि उस दौरान किसी के जागने पर उसे मार देना है। जिन घरों में उन्होंने लूटपाट करते थे, उस वक्त जो भी जागा उनकी हत्या कर दी गई। थरवई में सामूहिक हत्याकांड में केवल 5 साल की बच्ची बची थी। बदमाशों ने बताया कि लूट के वक्त लड़की ने कोई हरकत नहीं की जिसके वजह से हमारा ध्यान उसकी तरफ नहीं गया, नहीं तो उसे भी मार देते। गोहरी कांड में परिवार के चार लोगों की हत्या के बाद तालाशी में घर में 5600 रुपए ही मिले थे। जबकि थरवई कांड में पांच लोगों की हत्या करने के बाद केवल 2100 रुपए ही मिले थे। बौखलाहट में बदमाशों ने घर को आग के हवाले कर दिया था। 

इन घटनाओं का हुआ राजफाश

22 अप्रैल 2022 को थरवई क्षेत्र में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या, 21 नवंबर 21 को फाफामऊ क्षेत्र में एक परिवार के चार लोगों की हत्या, जनवरी 2020 को सोरांव के यूसुफपुर में एक ही परिवार के पांच लोगों की हत्या, मई 2020 को मांडा क्षेत्र में एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या, जुलाई 2020 को सोरांव के चांदपुर मनी का पूरा में दंपती की हत्या, 2021 को नवाबगंज के जगदीशपुर माली गांव में मां-बेटी की हत्या का खुलासा कर दिया गया है। 

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