सपा नेता पर 45 से मुकदमे दर्ज हैं।

प्रयागराज। अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। माफियाओं और अपराधियों पर कार्रवाई का दौर भी जारी है। इसी कड़ी में प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के रहने वाले सपा पार्टी के नेता सभापति यादव और उनके भाई को कोलकाता के सियालदाह स्टेशन से जीआरपी ने धर दबोचा। दोनों पर प्रतापगढ़ पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया था। वहीं, दोनों आरोपियों को  ट्राजिंट रिमांड पर लाने  के लिए प्रतापगढ़ से एक पुलिस टीम कोलकाता रवाना हो गई है। 

दरअसल, पिछले साल अगस्त में सपा नेता सभापित यादव और उनके भाई सुभाष यादव ने ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान अपने दर्जनों समर्थकों के साथ हंगामा किया था। इतना ही नहीं इन्होंने पुलिस पर पथराव भी किया था। तब से दोनों भाई फरार चल रहे थे। पुलिस ने पहले दोनों पर ढाई-ढाई लाख रुपए का इनाम घोषित किया था, लेकिन गिरफ्तारी न होने के कारण इनाम राशि को बढ़ाकर पांच-पांच लाख रुपए कर दिया गया।

पुलिस को चकमा दे रहे थे दोनों भाई

बवाल की घटना के बाद से ही दोनों भाइयों की तालाश जारी थी। पुलिस अधिक्षक सतपात अंतिल ने बताया कि पिछले शनिवार को सियालदाह रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने दोनों फरार आरोपियों को धर दबोचा। दोनों को वापस लाने के लिए प्रतापगढ़ पुलिस की एक टीम सियालदाह के लिए रवाना हो गई है। उन्होंने बताया कि दोनों भाइयों पर गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। बता दें, दोनों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को भी लगाया गया था, लेकिन वह एसटीएफ की पकड़ से भी बाहर थे। 

सपा नेता पर 45 से मुकदमा दर्ज

जानकारी के लिए बता दें, आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के विनयका गांव का रहने वाला सभापति यादव पूर्व ब्लॉक प्रमुख और पूर्व प्रमुख पति रहा है। जबकि उसका भाई सुभा। यादव पूर्व जिला पंचायत सदस्य रहा है। पुलिस के मुताबिक, सपा नेता सभापति यादव पर 45 तो सुभाष यादव पर 28 मुकदमे दर्ज हैं। 

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