जंगलों के बीच बाघों को ढूंढना होता था मुश्किल।

देहरादून। जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। कॉर्बेट के अंतर्गत पाखरो रेंज में टाइगर सफारी की शुरुआत होने से अब टाइगर को आप अपनी आंखों के सामने देख सकेंगे। प्रदेश के मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी की मानें, तो पाखरो में टाइगर सफारी की शुरुआत इसी महीने के आखिरी तक हो जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 

लाखों की संख्या में हर वर्ष यहां आते हैं टूरिस्ट

जिम कॉर्बेट देश का पहला नेशनल पार्क होने के साथ पहला टाइगर रिजर्व भी है। देश के राष्ट्रीय पशु बाघ के संरक्षण के लिए यहां की मिसाल दी जाती है। वन्य जीवों और जंगलों से प्यार करने वाले इसे खूब पसंद करते हैं। यही वजह है कि यहां के बाघों को देखने देश और दुनिया से पर्यटक यहां आते हैं। मगर घने जंगलों के बीच बाघ को ढूंढना बहुत मुश्किल होता है। राज्य के रामनगर स्थित कॉर्बेट नेशनल पार्क में हर वर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं लेकिन इस बार उनके लिए कुछ नया अनुभव होगा।

कहां है पाखरो रेंज

दरअसल, कॉर्बेट नेशनल काफी बड़े भू भाग में फैला हुआ है। नैनीताल जनपद के रामनगर से लेकर गढ़वाल के पौड़ी जिले तक इसकी सीमा है। पाखरो रेंज कॉर्बेट पार्क का आखरी छोर है। जनपद पौड़ी के कोटद्वार क्षेत्र में आने वाले पाखरों में अच्छी संख्या में बाघ मिलते हैं। यही वजह है कि वन विभाग की ओर से इस रेंज में टाइगर सफारी शुरू करने का निर्णय लिया गया। सफारी के लिए आने वाले पर्यटकों को पहले ऑनलाइन बुकिंग करानी होगी। इसके बाद तय समय पर वे सफारी का लुत्फ़ ले पाएंगे। मुख्य वन संरक्षक राजीव भरतरी ने कहा यह सफारी उत्तराखण्ड में पर्यटन को और बढ़ावा देगी। पर्यटकों की सुविधा के लिए इस पूरे इलाके को बेहतर तरीके से डेवलप किया गया है ताकि उन्हें किसी तरह की दिक्कत न हो।

2019 में पीएम ने की थी घोषणा

जिम कॉर्बेट पार्क की दक्षिणी सीमा पर पाखरो नाम की जगह में 106 हेक्टेयर में टाइगर सफारी बनाने की शुरुआत की गई। इसके लिए सेंट्रल ज़ू अथॉरिटी ऑफ इंडिया और नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी की ओर से मंजूरी भी मिल चुकी है। साल 2019 में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में भ्रमण पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाखरो में टाइगर सफारी बनाने की घोषणा की थी। तब से कॉर्बेट टाइगर रिजर्व इसकी कार्य योजना बनाने में जुट हुआ था।

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