उज्बेकिस्तान में कफ सीरप पीने से बच्चों की मौत का मामला।

नई दिल्ली। उज्बेकिस्तान समेत कई देशों में कथित तौर से कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत का मामला अभी भी सुर्खियों में है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर से चेतावनी दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कफ सिरप से हुई मौतों के बाद दुनिया के देशों से इस संबंध में तुरंत एक्शन की अपील की है। इसके साथ ही वैश्विक संगठन ने ग्लोबल मेडिकल अलर्ट भी जारी किया है।

पिछले साल 2022 में उज्बेकिस्तान में कथित तौर से भारतीय कफ सिरप पीने से 19 बच्चों की मौत हो गई थी। नोएडा स्थित कंपनी मैरियन बायोटेक की ओर से बनाए गए दो कफ सिरप के सेवन से मौत होने की बात कही गई थी।

कफ सिरप को लेकर डब्ल्यूएचओ सख्त

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऐसी जानलेवा दवाओं के खिलाफ तत्काल और ठोस कार्रवाई करने का आग्रह किया है। डब्ल्यूएचओ का सख्त रवैया साल 2022 में उज्बेकिस्तान समेत कई देशों में हुई कफ सिरप से हुई बच्चों की मौतों के बाद आया है। डब्ल्यूएचओ ने सोमवार को कहा था कि गाम्बिया, इंडोनेशिया और उज्बेकिस्तान में 5 साल से कम उम्र के 300 से अधिक बच्चे दूषित दवाओं की वजह से मारे गए।

तत्काल एक्शन की अपील

कफ सिरप में डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल का उच्च स्तर पाया गया था। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी ने यह भी कहा कि फिलीपींस, तिमोर लेस्ते, सेनेगल और कंबोडिया संभावित रूप से प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि उनके पास भी बिक्री के लिए ऐसी दवाएं हो सकती हैं। डब्ल्यूएचओ का कहना है कि चूंकि ये अलग-अलग घटनाएं नहीं हैं, इसलिए संगठन मेडिकल सप्लाई में लगे विभिन्न प्रमुख हितधारकों से तत्काल एक्शन लेने की अपील करता है।

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