पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है।

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी के पास जेवर में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन रहा है। जिसके शिलान्यास के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरूवार को कुछ देर के बाद जेवर पहुंचेंगे। इसके बनने के बाद उत्तर प्रदेश की तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। यहां एक लाख से ज्यादा युवाओं को सीधे रोजगार मिलेगा। साथ ही एयरपोर्ट को मेट्रो के अलावा एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जाएगा। एयरपोर्ट के पहले चरण का विकास 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया जा रहा है।

2024 में पूरा होगा पहला चरण

जेवर एयरपोर्ट की परियोजना का पहला चरण वर्ष 2024 तक 10,050 करोड़ रुपये से अधिक की अनुमानित लागत से पूरा किया जाना है. 1300 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर फैली यह परियोजना प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवा देगी। पीएमओ ने कहा कि पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का काम पूरा कर लिया गया है। नोएडा में बन रहा एयरपोर्ट, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा और इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दबाव कम होगा। रणनीतिक नजरिये से नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का अलग महत्व होगा और इससे दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के अलावा अलीगढ़, आगरा, फरीदाबाद और पड़ोसी क्षेत्र के लोगों की जरूरतें पूरी होंगी। इस हवाईअड्डे के विकास का ठेका ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल को दिया गया है।

मेट्रो-एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ग्राउंड ट्रांस्पोर्टेशन सेंटर विकसित किया जायेगा, जिसमें मल्टी माडल ट्रांजिट केंद्र होगा, मेट्रो और हाई स्पीड रेलवे के स्टेशन होंगे, टैक्सी, बस सेवा और निजी वाहन पार्किंग सुविधा मौजूद होगी। एयरपोर्ट को मेट्रो सेवा के जरिये भी जोड़ा जायेगा। इसके साथ ही यमुना एक्सप्रेस-वे, वेस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेस-वे को भी एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। जिससे यात्रियों को आने-जाने में कोई समस्या न हो। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ कानपुर दौरे के बाद शाम को जेवर गए थे और जमीन पर काम को परखा था। 

इन्हें सौंपा गया है कार्य 

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट होगा, जहां उत्सर्जन शुद्ध रूप से शून्य होगा। एयरपोर्ट के एक हिस्से को परियोजना स्थल से हटाये जाने वाले वृक्षों को लगाने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। पीएमओ के अनुसार पहले चरण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास का काम पूरा कर लिया गया है। जेवर एयरपोर्ट का विकास यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाइआइएपीएल) करेगी। जिसमें ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के लिए गठित कंपनी एनआईएएल की वाइआइएपीएल में एक प्रतिशत हिस्सेदारी होगी।

यूपी देश का पहले राज्य बना 

इस एयरपोर्ट के शुरू हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा।  गौरतलब है कि 2012 से पहले प्रदेश में लखनऊ और वाराणसी दो ही इंटरनेशनल एयरपोर्ट थे। पिछले महीने ही प्रधानमंत्री ने कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का लोकार्पण किया था। अयोध्या इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम भी तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि अगले साल की शुरुआत तक यह लोगों के लिए खोल भी दिया जाएगा। बतादें, प्रधानमंत्री के मिशन गति शक्ति को धरातल पर उतारने के लिए योगी सरकार संकल्पबद्ध  है.। यही वजह है कि सड़क से लेकर हवाई यात्रा तक का इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया जा रहा है।

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