यूपी के सभी शहरों में शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज के लिए खास सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।

प्रयागराज। कानपुर में 3 जून और प्रयागराज में 10 जून को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा को लेकर हालात सामान्य हो रहे हैं। इस बीच पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 17 जून को जुमे की नमाज को लेकर है। इस दिन एक बार फिर से शहर का माहौल खराब न हो। इसके लिए पुलिस व प्रशासन रणनीति बनाने में जुटा है ताकि किसी प्रकार की हिंसा व उपद्रव न हो।   

दरअसल, 10 जून को प्रयागराज के अटाला इलाके में हिंसा और पथराव हुआ था। एक बार फिर उसी इलाके में पुलिस, पीएसी और रैपिड एक्शन फोर्स तैनात है। यहां पुलिस फोर्स की ब्रीफिंग की गई और उन्हें दंगाइयों से निपटने के टिप्स भी दिए गए। दंगों से निपटने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स के डिप्टी कमांडेंट एमके पांडेय ने ब्रीफ करते हुए जवानों को हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने दावा किया है कि रैपिड एक्शन फोर्स मल्टीसेल लांचर जैसे उपकरणों से लैस है। इन जवानों के पास पूरे सुरक्षा उपकरण भी हैं, जिससे ये किसी भी स्थिति से निपटने में पूरी तरह सक्षम हैं।

धर्मगुरुओं से संपर्क

वहीं, यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने कहा कि 17 जून को नमाज की व्यवस्था के लिए धर्मगुरुओं से संपर्क किया गया है। सभी का सहयोग भी मिल रहा है। बरेली में भी एक प्रदर्शन प्रस्तावित था, जिसकी डेट आगे कर दी गई है। फिलहाल हमने सभी धर्मगुरुओं और शांतिप्रिय लोगों के साथ बैठक की है।  इस संबंध में सभी धर्मगुरुओं द्वारा एक अपील भी जारी की गई है। 

अब तक 357 उपद्रवियों को किया गिरफ्तार 

गौरतलब है कि तीन जून को सबसे पहले कानपुर में बवाल हुआ था, जिसके बाद अगले जुमे यानि 10 जून को नमाज के बाद प्रयागराज, सहारनपुर, फिरोजाबाद, हाथरस, मुरादाबाद, अंबेडकर नगर, अलीगढ़, लखीमपुर खीरी और जालौन में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। इसमें 13 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। अब तक यूपी पुलिस 357 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

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