शहीदों को श्रद्धांजलि देने और देश के प्रति उनके बलिदान को याद रखने के लिए नेशनल वॉर मेमोरियल की मशाल जलती रहेगी।

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट पर 24 घंटे जलने वाली अमर जवान ज्योति (Amar Jawan Jyoti flame) अब नेशनल वॉर मेमोरिल में जलेगी। भारतीय सेना के अधिकारियों की ओर से बताया गया है कि ‘इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति की लौ को बुझा दिया जाएगा और उसे शुक्रवार को एक समारोह में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक की लौ में मिला दिया जाएगा।’ गणतंत्र दिवस (Republic Day) से पहले यह ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, 21 जनवरी को एक समारोह में अमर जवान ज्योति की लौ राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (National War Memorial flame) की मशाल के साथ विलीन हो जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि समारोह की अध्यक्षता एकीकृत रक्षा स्टाफ के प्रमुख एयर मार्शल बलभद्र राधा कृष्ण करेंगे, जो दोनों स्मारकों के लौ को मिलाएंगे। शहीदों को श्रद्धांजलि देने और देश के प्रति उनके बलिदान को याद रखने के लिए नेशनल वॉर मेमोरियल की मशाल जलती रहेगी। इंडिया गेट के पास 40 एकड़ जमीन पर करीब 176 करोड़ रुपए की लागत से नेशनल वॉर मेमोरियल बनाया गया है।

आपको बता दें कि इंडिया गेट स्मारक ब्रिटिश सरकार द्वारा 1914-1921 के बीच अपनी जान गंवाने वाले ब्रिटिश भारतीय सेना के सैनिकों की याद में बनाया गया था। वहीं, अमर जवान ज्योति को 1970 के दशक में पाकिस्तान पर भारत की भारी जीत के बाद स्मारक संरचना में शामिल किया गया था, जिसमें दुश्मन देश के 93,000 सैनिकों ने आत्मसमर्पण कर दिया था। लंबे इंतजार के बाद नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा इंडिया गेट परिसर में राष्ट्रीय युद्ध स्मारक बनाया गया था और 2019 में इसका उद्घाटन किया गया था। युद्ध स्मारक में भवन निर्माण के बाद, सभी सैन्य औपचारिक कार्यक्रमों को इसमें स्थानांतरित कर दिया गया था। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक में उन सभी भारतीय रक्षा कर्मियों के नाम हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के साथ 1947-48 के युद्ध से लेकर चीनी सैनिकों के साथ गालवान घाटी संघर्ष तक विभिन्न अभियानों में अपनी जान की बाजी लगाई है। स्मारक की दीवारों पर आतंकवाद विरोधी अभियानों में जान गंवाने वाले सैनिकों के नाम भी शामिल हैं।

गणतंत्र दिवस परेड 30 मिनट की देरी से होगी शुरू 

बता दें कि 26 जनवरी 2022 को भारत अपना 73वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस बार गणतंत्र दिवस की परेड निर्धारित समय से आधा घंटा देरी से शुरू होगी। 75 साल में पहली बार गणतंत्र दिवस परेड देरी से शुरू होगी। कोरोना प्रोटोकॉल और श्रृद्धांजलि सभा की वजह से गणतंत्र दिवस परेड इस साल शुरू होने में देरी होगी। पहले जम्मू-कश्मीर में जान गंवाने वाले सुरक्षाकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी, इसके बाद परेड शुरू होगी। हर साल 26 जनवरी को सुबह ठीक 10 बजे राजपथ पर शुरू हो जाती है। लेकिन इस बार परेड 10:30 बजे शुरू होगी। यह परेड 8 किलोमीटर की होगी। परेड कुल 90 मिनट की होती है। परेड रायसीना हिल से शुरू होकर राजपथ, इंडिया गेट से होते हुए लाल किले पर खत्म होती है। परेड की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति और राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर माल्यार्पण कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

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