लखीमपुर हिंसा मामले में पुलिस ने अंकित दास समेत तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था।

लखनऊ। लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड के आरोपी अंकित दास, गनर लतीफ और ड्राइवर शेखर की रिमांड अवधि पूरी हो गई है। जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। बता दें कि लखीमपुर हिंसा मामले में पुलिस ने अंकित दास समेत तीन आरोपियों को पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस रिमांड पर लिया था। वहीं इस मामले में मुख्य आरोपी आशीष मिश्र को रिमांड खत्म होने से पहले जेल भेजा जा चुका है। जेलर पंकज सिंह ने बताया कि सभी चारों आरोपियों को अलग-अलग बैरक में रखा गया है।

लखीमपुर हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र के बेटे आशीष के साथ ही लखनऊ के कारोबारी और कांग्रेस के पूर्व सांसद अखिलेश दास के भतीजे अंकित दास को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस ने अंकित दास के साथ-साथ उसके ड्राइवर और गनर को भी गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया था। वहीं सीजेएम कोर्ट ने तीनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी। जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। दरअसल शुक्रवार को दाखिल तीनों आरोपियों की जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद सीजेएम कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए तीनों की जमानत अर्जी रद्द कर दी थी। सीजीएम कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद अब जमानत की अर्जी जिला जज की अदालत में दाखिल की जाएगी। वहीं मुख्य आरोपी आशीष मिश्र उर्फ मोनू और एक अन्य आरोपी आशीष पांडे की जमानत अर्जी 13 अक्टूबर को ही सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दी थी। वहीं अंकित दास से पुलिस पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। फिलहाल एसआईटी को अब सुमित की तलाश है, जोकि घटना का चश्मदीद माना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्री के बेटे समेत अन्य के खिलाफ दर्ज हुआ था केस  

दरअसल, 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी जिले के तिकोनिया इलाके में किसानों के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में चार किसानों समेत आठ लोग मारे गए थे। इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्र समेत अन्य के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था।

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