जेके ग्रुप ने लीज पर लेकर फिर रखा ग्रीनपार्क क्रिकेट स्टेडियम नाम।

कानपुर। गंगा के किनारे बसे शहर कानपुर को अंग्रेज सरकार ने आर्थिक राजधानी के तौर पर बसाया था। फैक्ट्रियों से लेकर अस्पताल और अच्छे शिक्षण संस्थानों की नींव रखी। मैडम ग्रीन को घुड़सवारी का शौक था तो एक स्टेडियम का निर्माण अंग्रेज सरकार ने करवाया, जिसका नाम मैडम ग्रीन रखा, जिसे अब ग्रीनपार्क क्रिकेट स्टेडियम के नाम से देश व दुनिया में जाना जाता है। पर एक वक्त ऐसा भी आया, जब सरकार ने इसका नाम उत्तर प्रदेश के प्रथम राज्यपाल होरमासजी फिरोजशाह मोदी के नाम से मोदी स्टेडियम रख दिया था। भारत और न्यूजीलैंड के बीच यहां पहला टेस्ट मैच खेला जाना है। उससे पहले हम ग्रीन से लेकर मोदी तक की इनसाइड स्टोरी से आपको रूबरू कराने जा रहे हैं। 

1945 में रखा गया था मैडम ग्रीन नाम 

गंगा का किनारा और हराभरा खूबसूरत नजारा, हमारे शहर की शान ग्रीनपार्क स्टेडियम की यही तो विशिष्ट पहचान है। ब्रिटिश हुकूमत के दौरान साल 1945 में बने ग्रीनपार्क स्टेडियम का नाम मैडम ग्रीन के नाम पर पड़ा। वह इस मैदान पर घुड़सवारी करने आती थीं। शुरुआती दौर में अंग्रेजों के आउटडोर खेल का प्रमुख केंद्र रहा ग्रीनपार्क स्टेडियम धीरे-धीरे क्रिकेट का गढ़ बन गया। जहां पर ब्रिटिश इंडिया विशेष आयोजन पर मुकाबले खेला करती थी। यूपीसीए के पदाधिकारियों के मुताबिक ग्रीनपार्क देश के पांच टेस्ट सेंटरों में शुमार है। यह दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के साथ देश के पांच टेस्ट सेंटरों में पहचाना जाएगा।

होरमासजी फिरोजशाह मोदी पड़ा नाम 

आजादी के बाद सरकार ने 1950 में इस स्टेडियम का नाम उत्तर प्रदेश के प्रथम राज्यपाल होरमासजी फिरोजशाह मोदी के नाम से मोदी स्टेडियम रख दिया। 1952 में ग्रीनपार्क में पहला टेस्ट मैच भारत बनाम इग्लैंड के बीच हुआ था। 1954 में इस मैदान को जेके ग्रुप ने लीज पर लिया और इसके बाद इसका नाम फिर से ग्रीनपार्क स्टेडियम हो गया। कहा जा सकता है कि, कानपुर में जेके समूह ने क्रिकेट के बीज को पौधा और फिर वट वृक्ष बनाया। 

जेके ग्रुप ने फिर रखा ग्रीनपार्क नाम 

शहर में क्रिकेट की नींव रखने वाले इस घराने ने 14 जनवरी 1952 में भारत व इंग्लैंड के बीच प्रथम अंतरराष्ट्रीय टेस्ट मैच का आयोजन गारंटी मनी देकर ही कराया था। इसके बाद ग्रीनपार्क स्टेडियम की शान बढ़ती गई।  भारत को टेस्ट मैच की पहली जीत दिसंबर 1959 में इसी मैदान पर मिली। खास बात यह है कि ये जीत अजेय कही जाने वाली आस्ट्रेलिया के खिलाफ मिली।यहां 29 अक्टूबर-2017 को पहला डे-नाइट मुकाबला हुआ। ग्रीनपार्क में 22 सितंबर-2016 को हुए भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए 500 वें टेस्ट का गवाह बन चुका है।

आंकड़ों के आईने में उपलब्धियां

यहां अब तक कुल 32 शतक लग चुके हैं। शतकवीरों में 19 भारतीय क्रिकेटर हैं। यहां हुए मैचों में सर्वाधिक 25 विकेट लेने का रिकार्ड कप्तान कपिल देव के नाम दर्ज है। यहां तीन मैचों में पूर्व भारतीय कप्तान व स्पिनर अनिल कुंबले ने 21 विकेट हासिल किए थे। वर्ष 1987 विश्वकप में वेस्टइंडीज बनाम श्रीलंका का मैच हुआ। 1993-94 में हीरो कप के उद्घाटन मैच का आयोजन हुआ जिसमें भारत-श्रीलंका के बीच मुकाबला हुआ। 1994-95 में इसी मैदान पर विल्स विश्व सीरीज भारत बनाम वेस्टइंडीज हुई थी। वर्ष 2000 में सौरव गांगुली ने जिम्बाब्बे के खिलाफ पांच विकेट लिए थे। रोहित शर्मा एकमात्र ऐसे बल्लेबाज हैं जिन्होंने ग्रीनपार्क पर दो शतक लगाये हैं। इस स्टेडियम में आईपीएल के गुजरात लॉयन्स के चार मैच हो चुके है।

ये धुरंधर भी चमके

ग्रीनपार्क ने सुरेंदर अमरनाथ, सुरेश रैना, ज्ञानेंद्र पांडेय, आरपी सिंह सरीखे दिग्गज क्रिकेटर दिए। यहां कई महान भारतीय क्रिकेटर सुभाष गुप्ते, जसुभाई पटेल, सुनील गावस्कर, गुंडप्पा विश्वनाथ, कपिलदेव, अनिल कुंबले व मोहम्मद अजहरुद्दीन खेले और विश्व क्रिकेट में धाक जमाई। ग्रीनपार्क में ही खेलकर भारत के जांटी रोड्स यानी मोहम्मद कैफ ने बेहतरीन क्षेत्ररक्षण के बदौलत विश्व क्रिकेट में पहचान बनाई। देश के पहले चाइनामैन गेंदबाजी का खिताब पा चुके कुलदीप भी शहर की जमी से निखरे उन सितारों में शुमार हैं, जो दुनियाभर में चर्चा का विषय बने हैं। कुलदीप शहर से विश्वकप खेलने वाले एकमात्र खिलाड़ी हैं।

22 टेस्ट मैच का हो चुका आयोजन

अब तक ग्रीनपार्क में 22 टेस्ट मैच का आयोजन हो चुका है। वहीं, 14 एकदिवसीय मुकाबले खेले गए हैं। स्टेडियम की दर्शक क्षमता लगभग 32 हजार है। यह देश का एकमात्र स्टेडियम हैं जहां पर चार प्लेयर पवेलियन हैं। अब 25 नवंबर को यहां पर 23वां टेस्ट मैच खेला जाना है। जिसकी तैयारियां पिछले एक माह से चल रही हैं। भारतीय टीम के सदस्य शुक्रवार को शहर आ गए, जिन्हें लैंडमार्क होटल में ठहराया गया है। टिकट की बिक्री भी शुरू है। कोरोना काल के बाद क्रिकेटप्रेमी यहां दो दिग्गज टीमों के बीच मुकाबला देखने को बेताब हैं।

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