हालत गंभीर होने पर पुलिस आनन-फानन में जिला अस्पताल में कराया भर्ती, पीड़ित ने लगाए गंभीर आरोप।

बांदा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पुलिस की छवि सुधारे जाने के बाद दागियों पर एक्शन को लेकर जिले के आलाधिकारयों को आदेश दिए हुए हैं, बावजूद ‘खाकीधारी’ सुधरने को तैयार नहीं। पुलिस की बर्बरता का एक सनसनीखेज मामला बांदा में सामने आया है। यहां मरका थाने की पुलिस ने आरोपी के बजाए शिकायतकर्ता पर जुल्म ढाए। उसे मुर्गा बनाने के साथ बेरहमी से पीटा गया। पुलिसवालों का दिल जब इससे भी नहीं भरा तो नंगा बदन करा बेल्ट से पीट को लाल कर दिया। युवक की हालत बिगड़ने पर पुलिस खुद उसे सीएचसी लेकर गई है। जहां उसका इलाज चल रहा है।

क्या है पूरा मामला 

मरका थानाक्षेत्र के ग्राम पंचायत बाकल का मजरा सिरिया तालाब निवासी सुरेश (30) पुत्र राम प्रताप यादव का परिवारिक रमेश,ननकवा, रामू से आम रास्ता को लेकर छह नवंबर को विवाद हुआ था। सुरेश ने पूरे प्रकरण की शिकायत तहरीर के जरिए पुलिस से की थी। थाने के कई चक्कर लगाने के बाद कार्रवाई नहीं हुई तो सुरेश ने 1076 नंबर पर शिकायत दर्ज करा दी। इसकी जानकारी जैसे ही मरका पुलिस ने सुरेश को सबक सिखाने की ठान ली।

चौकी इंचार्ज ने बेल्ट से जमकर पिटाई की

निस्तारण का बहाना बनाकर  पुलिस ने शनिवार को सुरेश को पहले थाने बुलाया।  वहां उसके  पहुंचने पर पुलिस कर्मियों ने बिना कुछ कहे सुने  गालियां देते हुए उसे मुर्गा बना दिया। पीड़ित के परिवारवालों का आरोप है कि, काजीटोला चौकी इंचार्ज  ने  बेल्ट से  जमकर पिटाई की । इतना ही नहीं उसके गुप्तांग पर भी वार किया। जिससे वह बेहोश हो गया  हालत  बिगड़ी देखकर पुलिस कर्मियों में खलबली मच गई। और पुलिस ने खुद अपनी गाड़ी में लादकर उसे सीएचसी में भर्ती कराया। 

जिला अस्पताल रेफर

युवक की हालत गंभीर होने पर डॉक्टर्स ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घायल पीड़ित सुरेश ने मीडिया से बातचीत के दौरान आरोप लगाया है कि पुलिस ने उसके विपक्षियों से पांच हजार रुपये लेकर उसकी जमकर पिटाई की है। थाना प्रभारी की मौजूदगी में उसे बर्बरता पूर्वक बेल्ट से पिटा गया है। गुप्तांग में भी चोट पहुंचाई गई है। दरोगा के अलावा अन्य पुलिसकर्मी जल्लाद बनकर उस पर टूट पड़े।

 थाना प्रभारी पर लगाए आरोप 

पीड़ित के परिवारवालों ने कहा कि इस कांड में थाना प्रभारी भी दोषी हैं। सुरेश ने रास्ते की शिकायत को लेकर उनसे भी मिला। लेकिन थाना प्रभारी ने उल्टा सुरेश को जेल भेजने की धमकी देते हुए भगा दिया। पीड़ित के परिवारवालों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जाए औा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।

मुख्यमंत्री से करूंगा शिकायत 

सुरेश ने कहा कि इलाज के बाद जैसे ही वह स्वस्थ्य होता है वैसे ही जिले के डीएम और एसपी से मामले की शिकायत कर जांच की मांग करेगा। अगर यहां से न्याय नहीं मिला तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दर पर जाकर फरियाद करेगा। जबकि मामले पर  थाना प्रभारी राकेश कुमार सरोज का कहना है कि आरोप निराधार है। आम रास्ता को लेकर परिवारिक विवाद है। शिकायत पर पहले भी दो लोगों के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है

पूरी स्टोरी पढ़िए