तेज प्रताप यादव के खिलाफ समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाने में केस दर्ज कराया गया है। तेज प्रताप पर आरोप है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने गलत शपथ पत्र दाखिल करके चुनाव लड़ा था।

डेली जनमत न्यूज डेस्क। राष्ट्रीय जनता दल के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे व समस्तीपुर के हसनपुर से राजद विधायक तेज प्रताप यादव पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही  है। उन पर आरोप है कि जानकारी छिपाते  हुए उन्होंने शपथ पत्र दाखिल किया और विधानसभा  चुनाव लड़े। इस मामले में अगर तेज प्रताप दोषी पाए जाते हैं और उन पर सख्त एक्शन लिया जाता है तो उनकी विधायकी भी जा सकती है।

संपत्ति का विवरण छिपाने के आरोप

बताया जा रहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान गलत शपथ पत्र देने एवं संपत्ति का विवरण छिपाने के आरोप में तेज प्रताप यादव के खिलाफ समस्तीपुर जिले के रोसड़ा थाने में केस दर्ज कराया गया है। तेज प्रताप पर आरोप है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने गलत शपथ पत्र दाखिल करके चुनाव लड़ा था।

अक्टूबर  2020 में दाखिल  किया था पर्चा

रोसड़ा थाने में दर्ज केस संख्या 419/21 के अनुसार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की अधिसूचना के तहत 140 हसनपुर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल के प्रत्याशी के तौर पर 13 अक्टूबर 2020 को तेज प्रताप यादव ने नामांकन का पर्चा दाखिल किया था। नामांकन दाखिल करते समय तेज प्रताप यादव ने शपथपत्र में अचल संपत्ति की गलत जानकारी दी थी। इसकी शिकायत बिहार प्रदेश जदयू ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की थी। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस शिकायत की कॉपी 4 नवंबर 2020 को भारत निर्वाचन आयोग के पास भेज दी थी। भारत निर्वाचन आयोग से इसकी जांच के लिए प्रत्यक्ष कर बोर्ड को लिखा गया था।

जांच में सामने आई ये जानकारी

इसके बाद चार नवंबर 2020 के निर्वाचन अधिकारी ने इस शिकायत की प्रति भारतीय निर्वाचन आयोग को भेजी थी, जिसने केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) को इसकी जांच करने के लिए कहा था। सीबीडीटी ने जांच के बाद बताया है कि 2015 के और 2020 के विधानसभा चुनावों के लिए तेज प्रताप की ओर से दाखिल शपथपत्रों के बीच चल और अचल परिसंपत्तियों में 82 लाख 40 हजार 867 रुपये का इजाफा हुआ है। 

नोटिस का नहीं दिया जवाब

वहीं, इस अवधि में उनकी आयकर विवरणियों के अनुसार उनकी कुल आय 22 लाख 76 हजार 220 रुपये बनती है। सीबीडीटी की जांच के बाद तेज प्रताप को निर्वाचन आयोग ने कारण बताओ नोटिस भी भेजा था लेकिन उनकी ओर से इस नोटिस का कोई जवाब नहीं आया। इसके बाद जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी समस्तीपुर ब्रजेश कुमार ने तेज प्रतापके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।

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