उन्नाव के चमियानी निवासी विकास पटेल (30) की जिले हथगाम ब्लाक को कंपोजिट विद्यालय चकभुनगापुर में पहली नियुक्ति हुई थी।

फतेहपुर. फतेहपुर में कोरोना संक्रमित एक शिक्षक को  ब्लैक फंगस की पुष्टि होने पर उसे हैलट कानपुर में भर्ती कराया गया, जहां पर उसकी मौत हो गई। शिक्षक पंचायत चुनाव ड्यूटी के बाद बीमार पड़ गया। मौत से स्वास्थ्य महकमें में हड़कंप मच गया। इस खतरे को टालने के लिए नेत्र अस्पताल में ओपीडी चालू कर दी गई।


पंचायत चुनाव की ड्यूटी के बाद शिक्षक हुआ था कोरोना संक्रमित

उन्नाव के चमियानी निवासी विकास पटेल (30) की  जिले हथगाम ब्लाक को कंपोजिट विद्यालय चकभुनगापुर में पहली नियुक्ति हुई थी। शिक्षक की पंचायत चुनाव में ड्यूटी प्राथमिक विद्यालय हुसैनगंज में लगी थी। चुनाव के बाद उसकी ड्यूटी मतगणना में भिटौरा ब्लाक में लगा दी गई। मतगणना ड्युटी के बाद शिक्षक की तबियत बिगड़ गई। हालत में सुधार न होने पर वह अपने गांव उन्नाव चला गया, जहां पर जांच में कोरोना संक्रमित होने की पुष्टि हुई। जिसका इलाज कानपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। जहां पर 19 मई  को उसे ब्लैक फंगस होने की पुष्टि पर हैलट कानपुर में भर्ती कराया गया। हैलट में  शिक्षक की इलाज दौरान मौत हो गई।शिक्षक की पत्नी मलवां ब्लाक में शिक्षक पद पर तैनात हैं। कंपोजिट विद्यालय के प्रधानाध्यापक दयाराम ने बताया कि सहायक अध्यापक विकास पटेल पहले कोरोना संक्रमित हुए थे। फिर उन्हे ब्लैक फंगस होने की पुष्टि होने पर परिजनों ने हैलट कानपुर में भर्ती कराया था। हैलट में उनकी मृत्यु हो गई है। सीएमओ डा. गोपाल माहेश्वरी ने बताया कि अभी ऐसी कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। 


22 शिक्षकों की मौत का दावा

वहीं प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलामंत्री ने पिछले दिनों कोरोना संक्रमण से जिले में 22 शिक्षकों की मौतें होने का दावा किया था। बताया जो पंचायत चुनाव ड्यूटी करने के बाद  बीमार पड़ गये थे। शिक्षक संघ प्रदेश नेतृत्व ने पहले ही 1621 शिक्षक की मौत होने की सूची शासन को सौंपी थी।  वहीं शिक्षामंत्री ने प्रदेश में तीन शिक्षकों की मौत होना बताया है।


ब्लैक फंगस रोकने की हो रही कोशिश

जिले में ब्लैक फंगस का खतरा टालने के लिए नेत्र अस्पताल में ओपीडी चालू कर दी गई। अभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद  है। केवल फीवर हेल्प डेस्क संचालित हो रही हैं। जिसमें खांसी, जुकाम और बुखार के मरीज देखे जा रहे हैं। गंभीर रोगियों को कोविड अस्पतालों में भर्ती किया जा रहा है। सीएमओ डा. गोपाल कुमार माहेश्वरी ने बताया कि ब्लैक फंगस की रोकथाम के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी को  प्रशिक्षित भी किया जायेगा।

पूरी स्टोरी पढ़िए