देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 100 लाख करोड़ रुपये की गति शक्ति योजना से देश में लाखों युवाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

डेली जनमत न्यूज डेस्क। पीएम नरेंद्र मोदी (PM NARENDRA MODI)  ने बुधवार को मेगा योजना गति शक्ति योजना का शुभारंभ कर दिया। देश के इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए 100 लाख करोड़ रुपये की गति शक्ति योजना (GATISHAKTI PROJECT) से देश में लाखों युवाओं को रोजगार के मौके उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2021 को दिल्ली के लाल किले से देश में रोजगार पैदा करने के मकसद से करोड़ों रुपये की गति शक्ति योजना का ऐलान किया था। जिसका शुभारंभ आज किया।

भारत की गति को शक्ति

 पीएम मोदी ने कहा कि आज दुर्गाष्टमी है, पूरे देश में आज शक्ति स्वरूपा का पूजन हो रहा है। शक्ति की उपासना के इस पुण्य अवसर पर देश की प्रगति की गति को भी शक्ति देने का शुभ कार्य हो रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री गति शक्ति-राष्ट्रीय मास्टर प्लान 21वीं सदी के भारत की गति को शक्ति देगा। अगली पीढ़ी के इंफ्रास्ट्रक्चर और मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को इस राष्ट्रीय योजना से गति शक्ति मिलेगी।

पुरानी सोच को पीछे छोड़ा

पीएम मोदी ने कहा कि आज 21वीं सदी का भारत, सरकारी व्यवस्थाओं की उस पुरानी सोच को पीछे छोड़कर आगे बढ़ रहा है। आज का मंत्र है, प्रगति के लिए इच्छा, प्रगति के लिए कार्य, प्रगति के लिए धन, प्रगति की योजना, प्रगति के लिए वरीयता। पीएम मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के साथ हम, अगले 25 वर्षों के भारत की बुनियाद रच रहे हैं। पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, भारत के इसी आत्मबल को, आत्मविश्वास को आत्मनिर्भरता के संकल्प तक ले जाने वाला है।

कांग्रेस पर साधा निशाना

पीएम मोदी ने इस दौरान पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हमारे देश में इंफ्रास्ट्रक्चर का विषय ज्यादातर राजनीतिक दलों की प्राथमिकता से दूर रहा है। ये उनके घोषणा पत्र में भी नजर नहीं आता है। अब तो ये स्थिति आ गई है कि कुछ राजनीतिक दल, देश के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर आलोचना करने में गर्व करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले के 5 सालों में सिर्फ 3,000 किलोमीटर रेलवे का बिजलीकरण हुआ था। बीते सात सालों में हमने 24 हजार किलोमीटर से भी अधिक रेलवे ट्रैक का बिजलीकरण किया है। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 के पहले लगभग 250 किलोमीटर ट्रैक पर ही मेट्रो चल रही थी। आज 700 किलोमीटर तक मेट्रो का विस्तार हो चुका है और 1,000 किलोमीटर नए मेट्रो रूट पर काम चल रहा।

16 मंत्रालय का ग्रुप

इस योजना में रेलवे, सड़क व राजमार्ग, पेट्रोलियम और गैस, बिजली, दूरसंचार, नौवहन, विमानन व औद्योगिक पार्क बनाने वाले विभागों समेत केंद्र सरकार के 16 विभागों को शामिल किया जाएगा। केंद्र के सभी 16 विभागों के उच्च अधिकारियों का नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप गठित किया जाएगा। इससे देश में विकास को गति देने में मदद मिलेगी।

मोदी बोले 

पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल की कमी देखी जाती है।

  • उन्होंने आगे कहा कि कहीं सड़क बनने के बाद पानी की पाइपलाइन डालने के लिए उसे खोद दिया जाता है। कहीं सड़क विभाग डायवर्जन बना देता है, ट्रैफिक पुलिस कहती है उससे जाम लग रहा है। ऐसे कई उदाहरण हैं। इनका समन्वय करने में दिक्कत आती थी। इससे बजट की भी बर्बादी होती है।
  • प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 70 सालों की तुलना में भारत तेजी से काम कर रहा है। पहली नेचुरल गैस पाइपलाइन 1987 में कमीशन हुई थी। 
  •  जितना काम 27 साल में हुआ, उससे ज्यादा काम हम उसके आधे समय में करने वाले हैं।
  • कहीं पोर्ट होते थे तो उनको कनेक्ट करने वाले रेल-सड़क मार्ग नहीं होते थे। इससे एक्सपोर्ट, लॉजिस्टिक कॉस्ट बढ़ी। ये आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में रुकावट है। 
  • टैक्स के पैसे को इस्तेमाल करते वक्त सरकार में भावना नहीं होती थी कि उसको बर्बाद ना होने दिया जाए। लोगों को भी लगने लगा कि ऐसा ही चलता रहेगा। हर जगह वर्क इन प्रोग्रेस लिखा दिखता था। 

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