सिख फॉर जस्टिस ने कहा है कि इंदु मल्होत्रा ​​को पीएम मोदी के सुरक्षा मामले में सेंधमारी की जांच नहीं करने दी जाएगी।

नई दिल्ली। पंजाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक की जांच में शामिल रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा ​​को धमकी दी गई है। खालिस्तान अलगाववादियों ने इंदु मल्होत्रा ​​को धमकी दी गई है। सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने कहा है कि इंदु मल्होत्रा ​​को पीएम मोदी के सुरक्षा मामले में सेंधमारी की जांच नहीं करने दी जाएगी। बता दें कि प्रधानमंत्री सुरक्षा मामले में इंदु सुप्रीम कोर्ट की जांच कमेटी की चेरपर्सन हैं।

पूर्व जस्टिस मल्होत्रा ​​समेत कई वकीलों को वॉयस नोट भेजा गया है, जिसमें कहा गया है कि हम सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज को पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक मामले की जांच नहीं करने देंगे। पीएम मोदी और सिखों में से किसी एक को चुनना होगा। आगे कहा गया हम सुप्रीम कोर्ट के वकीलों की भी लिस्ट बना रहे हैं। गौरतलब है कि इस मामले में पहले भी सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों को धमकी भरे फोन आ चुके थे।

पीएम की सुरक्षा चूक के लिए बताया जिम्मेदार

सुप्रीम कोर्ट के 50 से अधिक वकीलों को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से फोन करके दावा किया गया कि वे प्रधानमंत्री की सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार हैं। कॉल करने वालों ने सिख फॉर जस्टिस से जुड़े होने का दावा किया। सुप्रीम कोर्ट के सभी एओआर (एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड) वकीलों को फोन किया गया था। इतना ही नहीं संगठन ने पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक से जुड़ी याचिका पर सुनवाई से दूर रहने के लिए सुप्रीम कोर्ट के जजों को भी बुलाया था।

सिख फॉर जस्टिस का बताया सदस्य

सिख फॉर जस्टिस की ओर से कॉल रिसीव करने वाले सुप्रीम कोर्ट के एओआर ने कहा कि उन्हें यूके से फोन आया था। इस कॉल को करने वाले ने खुद को सिख फॉर जस्टिस का सदस्य बताया। एओआर ने कहा फोन करने वाले ने कहा कि वह पीएम मोदी के काफिले को रोकने की जिम्मेदारी लेता है। उसका कहना था कि सुप्रीम कोर्ट 1984 में सिखों की हत्या के लिए जिम्मेदार एक भी अपराधी से नहीं मिला है, इसलिए सुप्रीम कोर्ट को याचिका पर सुनवाई नहीं करनी चाहिए।

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