भाई रिजवान के साथ मिलकर जाजमऊ की महिला का घर जलाने का है आरोप।

कानपुर। सपा विधायक इरफान सोलंकी ने शुक्रवार की सुबह भाई रिजवान के साथ पुलिस कमिश्नर के सामने आत्मसर्मपण किया है। इस दौरान विधायक अमिताभ बाजपेई और विधायक हसन रूमी मौजूद रहे। विधायक इरफान सोलंकी पर पुलिस ने शिकंजा कसने के लिए कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया था। विधायक पर जाजमऊ की एक महिला का घर जलाने का आरोपी है।

सीसामऊ विधायक इरफान सोलंकी ने बीते 3 नवंबर को जाजमऊ की रहने वाली एक महिला की झोपड़ी में आग लगा दी थी। जिसके बाद उनपर और उनके भाई पर मुकदमा दर्ज हो गया था। तब से वह फरार चल रहे थे। वहीं, फर्जी नाम से आधार कार्ड बनवाकर हवाई यात्रा करने का आरोप भी है। आत्मसमर्पण के समय उनके साथ विधायक मोहम्मद हसन रूमी और अमिताभ वाजपेयी भी मौजूद थे। दोनेां विधायकों ने इरफान के उत्पीड़न का आरोप लगाया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ है मुकदमा 

धारा 212-अपराधी को कानूनी दंड से बचाने के इरादे से आश्रय देना। अपराध यदि मृत्यु दंडनीय है, तो आश्रम देने वाले को पांच वर्ष की सजा व जुर्माना, अगर अपराध आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की सजा से दंडनीय है तो तीन वर्ष तक की सजा व जुर्माना हो सकता है। 

धारा 419-किसी दस्तावेज को फर्जी तरीके से बनाना। तीन सात तक सजा व जुर्माना। 

धारा 420-धोखाधड़ी। सात साल तक की सजा व जुर्माना 

धारा 467-कूटरचना। अगर केंद्र सरकार से जुड़े दस्तावेज को कूटरचना करके तैयार किया जाता है तो आजीवन कारावास या दस वर्ष की सजा और जुर्माना हो सकता है। 

धारा 468-कूट रचना यह जानकार की जाए कि इसका प्रयोग छल के लिए किया जाएगा। सात वर्ष तक की सजा और जुर्माना। 

धारा 471-कोई दस्तावेज या इलेक्ट्रानिक अभिलेख, जिसके बारे में वह जानता हो कि वह दस्तावेज या इलेक्ट्रानिक अभिलेख कूटरचित है, को कपटपूर्वक या बेईमानी से असली के रूप में उपयोग करना। आजीवन कारावास या दस वर्ष तक की सजा और जुर्माना। 

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