15 मई को संभालेंगे कार्यभार।

नई दिल्ली। राजीव कुमार देश के नये मुख्य चुनाव आयुक्त बनने जा रहे हैं। वह सुशील कुमार की जगह लेंगे। कानून मंत्री किरेन रिजीजू ने जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति ने नये चुनाव आयुक्त की नियुक्ति कर दी है। 15 मई को वह कार्यभार संभालेंगे। 

1984 बैच की भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी राजीव कुमार बिहार/झारखंड कैडर के अधिकारी हैं, जो फरवरी 2020 में भारतीय प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं। राजीव कुमार एक सितंबर 2020 को चुनाव आयुक्त के रूप में भारत के चुनाव आयोग में शामिल हुए। चुनाव आयोग में कार्यभार संभालने से पहले, राजीव कुमार लोक उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष थे। वह अप्रैल 2020 में अध्यक्ष पीईएसबी के रूप में शामिल हुए थे।

बेहद अनुभवी हैं राजीव कुमार

राजीव कुमार का जन्‍म 19 फरवरी 1960 को हुआ था। उन्‍होंने बीएससी, एलएलबी, पीजीडीएम और एमए पब्लिक पॉलिसी की अकादमिक डिग्री हासिल की है। राजीव कुमार बेहद अनुभवी हैं, उनके पास भारत सरकार की 36 वर्षों से अधिक की सेवा दी है। इस दौरान सामाजिक क्षेत्र, पर्यावरण और वन, मानव संसाधन, वित्त और बैंकिंग क्षेत्र में केंद्र और राज्य के विभिन्न मंत्रालयों में काम किया है।

3.38 लाख शेल कंपनियों के बैंक खाते किए थे फ्रीज

राजीव कुमार तब चर्चा में आए थे, जब उन्‍होंने तीन लाख से ज्‍यादा शेल कंपनियों पर नकेल कसी थी। चुनाव आयोग के मुताबिक, राजीव कुमार ने वित्तीय सेवा क्षेत्र का पर्यवेक्षण किया। बैंकिंग सेवा क्षेत्र में कई सुधार उन्‍हीं ने किए थे। उन्होंने फर्जी इक्विटी बनाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली करीब 3.38 लाख शेल कंपनियों के बैंक खाते फ्रीज कर दिए थे। राजीव कुमार ने भारतीय रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड के निदेशक के रूप में भी काम किया है। वह आर्थिक खुफिया परिषद (ईआईसी) के सदस्य, वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) के सदस्य रहे हैं।

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