आरोपी पुलिस वालों पर एक लाख का है ईनाम।

कानपुर। मनीष हत्याकांड में फरार चल रहे ईनामी हेड कांस्टेबल को कैंट पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस वाला कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था तभी पुलिस ने उसको धर लिया। आरोपी पुलिस वाले को एसआईटी को सौंप दिया गया है। इस मामले में अभी दरोगा विजय यादव फरार हैं। चार अन्य आरोपित पुलिसवालों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस की पिटाई से हुई थी मनीष की मौत

कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके में स्थित कृष्णा होटल में पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। मनीष गुप्ता के साथ कमरे में ठहरे दोस्त गुड़गांव के हरबीर और प्रदीप ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया था। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने इस मामले में छह पुलिसवालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। मीनाक्षी की तहरीर पर रामगढ़ताल थाना में तैनात अमेठी जिले के मुसाफिरखाना निवासी तत्कालीन इंस्पेक्टर जगत नारायण उर्फ जेएन सिंह, बलिया जिले के नरही निवासी एसआई अक्षय कुमार मिश्रा, जौनपुर जिले के बक्सा निवासी एसआई विजय यादव को नामजद और तीन अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मीनाक्षी की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी कानपुर को विवेचना ट्रांसफर कर दिया था। वहीं सीबीआई जांच की भी सिफारिश की है।

गाजीपुर का रहने वाला है कमलेश

इंस्पेक्टर कैंट सुधीर सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने बुधवार को गाजीपुर जिले के निवासी हेड कांस्टेबल कमलेश सिंह यादव को पकड़ लिया। कमलेश सिंह यादव कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था। अब इस मामले में सिर्फ जौनपुर जिले के बक्सा निवासी एसआई विजय यादव फरार है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक-दो दिन में इन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।

अब तक यह जा चुके हैं जेल

मनीष हत्याकांड में हेड कांस्टेबल कमलेश यादव की गिरफ्तार के साथ ही अब तक पांच पुलिसवाले गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इनमें मुख्य रूप से इंस्पेक्टर जेएन सिंह, एसआई अक्षय मिश्रा और राहुल दुबे तथा कांस्टेबल प्रशांत कुमार शामिल हैं। इंस्पेक्टर जेएन सिंह और अक्षय मिश्रा को रविवार तो वहीं दरोगा राहुल दुबे और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को मंगलवार को जेल भेजा गया है।

टाइम लाइन में जाने कब क्या हुआ

27 सितंबर की देर रात गोरखपुर के होटल में पुलिसवालों पर मनीष को पीट-पीटकर मारने का आरोप लगा।

28 सितंबर को पोस्टमॉर्टम के बाद तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की एफआईआर और छह को सस्पेंड किया गया।

29 सितंबर की सुबह परिजन शव लेकर कानपुर पहुंचे। सीएम से मिलने की जिद पर अड़े थे। अंतिम संस्कार करने से भी इनकार किया।

30 सितंबर सुबह 5 बजे मनीष का अंतिम संस्कार किया गया।

10 अक्टूबर की शाम रामगढ़ताल पुलिस ने इंस्पेक्टर जेएन सिंह और दरोगा अक्षय मिश्रा को किया गिरफ्तार।

12 अक्टूबर को पुलिस ने दरोगा राहुल दुबे और कांस्टेबल प्रशांत कुमार को गिरफ्तार किया।

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