डॉक्टर प्रियंका मौर्या ने लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से मांगा था टिकट।

लखनऊ।  विधानसभा चुनाव का शोर अपने सबाब पर है। राजनीतिक दल एक-एक कर अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची जारी रहे हैं। टिकट कटने से दावेदार दल बदल रहे हैं तो कई ऐसे हैं, जो पार्टी  हाईकमान के खिलाफ जुबानी हमले तेज करने के साथ ही आरोप लगा रहे हैं। इन्हीं में से 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ कैंपेन की पोस्टर गर्ल डॉ. प्रियंका मौर्या हैं। जिन्होंने टिकट नहीं मिलने पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि घूस न दे पाने की वजह से लखनऊ की सरोजनीनगर विधानसभा सीट से उनका टिकट काटकर रुद्र दमन सिंह को दे दिया गया। उन्होंने कहा कि घूस की रकम किसी और ने नहीं बल्कि प्रियंका गांधी के सचिव संदीप सिंह ने मांगी थी।

प्रियंका मौर्या  के बजाए दूसरे उम्मीदवार को टिकट

कांग्रेस की सक्रिय कार्यकर्ता डॉक्टर प्रियंका मौर्या लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से टिकट की दावेदारी पेश कर रही थीं। प्रियंका गांधी के 'लड़की हूं, लड़ सकती हूं' कैंपेन का भी वो अहम किरदार रहीं। इतना ही नहीं, कांग्रेस ने शक्ति विधान टाइटल के साथ जो महिला घोषणा पत्र जारी किया, प्रियंका मौर्या उसकी पोस्टर गर्ल भी थीं। इसकी वजह से पूरी संभावना जताई जा रही थी कि उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम सबसे ऊपर होगा। लेकिन गुरुवार को कांग्रेस की तरफ से पहली सूची जारी हुई, जिसमें डॉक्टर मौर्या का नाम नहीं था। जिसके बाद उन्होंने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी के निजी सचिव पर घूस लेने का आरोप लगाया है।

सौदेबाजी का आरोप लगाया।

डॉक्टर प्रियंका मौर्या लखनऊ की सरोजनीनगर सीट से चुनाव लड़ना चाहती थीं और उन्होंने पार्टी हाईकमान से टिकट मांगा था। हाईकमान की तरफ से आश्वासन मिलने के बाद प्रियंका मौर्या चुनाव लड़ने की तैयारी कर चुकी थीं। लेकिन अचानक वहां से रुद्र दमन सिंह का नाम फाइनल कर दिया गया। सूची जारी होने के कुछ घंटे बाद ही डॉ. प्रियंका मौर्या ने अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करके कांग्रेस पार्टी में टिकटों की सौदेबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा है कि प्रियंका गांधी के सचिव संदीप सिंह ने उनसे टिकट के एवज में रुपए के लिए किसी से फोन करवाया था। रुपए न देने पर उनकी जगह किसी और के नाम की घोषणा कर दी।

युवाओं को आगे बढ़ाने की आड़ में वसूली

प्रियंका मौर्या का आरोप है कि कांग्रेस महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ाने की आड़ में वसूली कर रही है। उनका कहना है कि पहले उनसे लड़की हूं, लड़ सकती हूं मैराथन में भीड़ जुटाने के नाम पर वसूली हुई। इसके बाद प्रियंका गांधी के जन्मदिन पर रुपए की डिमांड की गई। जब चुनाव लड़ने की दावेदारी पेश की तो टिकट के लिए रुपए मांगे गए। उनका दावा है कि हर आरोप का उनके पास पुख्ता सबूत है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक करेंगी।

सारे आरोप निराधार

वहीं, इस मामले में पार्टी प्रवक्ता अशोक सिंह का कहना है कि टिकट न मिलने की वजह से झूठा आरोप लगाया जा रहा है। पार्टी ने सोंच समझकर उम्मीदवारों को चुनाव के मैदान में उतारा है। हर कार्यकर्ता को टिकट नहीं दिया जा सकता। डॉक्टर मार्या पार्टी की एक जिम्मेदार कार्यकर्ता हैं। उन्हें ऐसे गलत आरोप नहीं लगाने चाहिए। टिकट एक व्यक्ति नहीं तय करता, बल्कि पार्टी की कोर टीम है, जो जिताऊ उम्मीदवार को चुनाव के मैदान में उतारती है। 

पूरी स्टोरी पढ़िए