इन शर्तों पर खुशी दुबे को मिली जमानत।

कानपुर। कानपुर के बिकरू कांड में जमानत पर छूटी खुशी दुबे की पुलिस ने निगरानी शुरू कर दी है। पनकी स्थित उसके घर के पास पुलिस ने चार सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं, ताकि खुशी की हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। हालांकि पुलिस का तर्क है कि खुशी दुबे की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।

शनिवार को ही खुशी दुबे की ढाई साल बाद जेल से रिहाई हुई थी। खुशी के घर आने जाने वाले रास्तों पर चार सीसीटीवी कैमरे लगा दिए। दो कैमरे मुख्य मार्ग के चौराहे पर लगे हैं, जबकि एक कैमरा खुशी के घर से सामने बिजली के पोल पर दूसरा एक मकान के दूसरे छोर पर लगाया गया है। रविवार को मोहल्ले के लोग चकित रह गए कि रातोंरात कैमरे किसने लगा दिए। इसके बाद में पता चला कि पुलिस ने कैमरे लगाए हैं। एसीपी पनकी ने कहा कि खुशी की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने कैमरे लगवाएं हैं। इसको अन्यथा अर्थ में समझा न जाए।

खुशी के वकील ने जताई आपत्ति

सीसीटीवी कैमरे में संबंध में खुशी के वकील शिवाकांत दीक्षित ने आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि देर रात चोरी छीपे खुशी के घर के आसपास कैमरे लगवाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करने वाला है। अगर पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टिकोण से कैमरे लगवाएं है तो कोई बात नहीं, लेकिन उनका गलत उपयोग न हो।

इन शर्तों पर हुई है खुशी की रिहाई

प्रत्येक सप्ताह के प्रथम दिन चौबेपुर थानाध्यक्ष के सामने हाजिरी लगानी होगी।

खुशी न तो किसी अपराधी के संपर्क में आएंगी और न ही अपराध में लिप्त होंगी।

प्रत्येक तिथि पर न्यायालय में उपस्थित होंगी।

जमानत का दुरुपयोग नहीं करेंगी।

अभियोजन साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं करेंगी।

जेल से रिहा होने के बाद क्या बोली खुशी

बिकरू कांड की आरोपी खुशी दुबे ने रविवार को परिवार संग पनकी स्थित हनुमान मंदिर में पूजा अर्चना की। पूरे दिन उसके घर पर रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों का आनाजाना लगा रहा। कई संस्थाओं के लोगों ने परिवार से संपर्क किया है। रविवार को मीडिया से खुशी बोली कि मैं तो ऐसी अभागी हूं कि महज कुछ दिन सुहागिन रही। ऊपर से पुलिस ने अपराधी बना दिया। मेरे साथ जो हुआ वह किसी दुश्मन के भी साथ न हो। बता दें, दो जुलाई 2020 को दहशतगर्द विकास दुबे ने साथियों संग मिलकर सीओ समेत 

पूरी स्टोरी पढ़िए