इस स्तर के अधिकारियों को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी।

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लखनऊ। योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के तीन और जिलों में कमिश्नरेट लागू को लेकर मंजूरी दे दी है। इनमें आगरा, प्रयागराज और गाजियाबाद शामिल हैं। इससे पहले कानपुर, लखनऊ, वाराणसी और गौतमबुद्ध नगर में कमिश्नरेट लागू किया गया था।

योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने शुक्रवार को प्रदेश के तीन और जिलों में पुलिस कमिशनर प्रणाली पर मुहर लगा दी है। प्रदेश में अब सात पुलिस कमिश्नरेट वाले जिले हो जाएंगे। आगरा, गाजियाबाद व प्रयागराज कमिश्नरेट में भी पूर्व की तरह आइजी व उनसे वरिष्ठ यानी एडीजी को पुलिस कमिश्नर बनाने का निर्णय हुआ है।

इन शहरों में लागू होगा कमिश्नरेट

योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने संगमनगरी प्रयागराज, ताज नगरी आगरा के साथ गाजियाबाद में पुलिस कमिश्नरेट की स्थापना की मंजूरी दे दी है। तीन नए कमिश्नरेट में आईजी रैंक का पुलिस कमिश्नर होगा। दो की जगह एक ही एडिशनल पुलिस कमिश्नर डीआईजी रैंक का होगा। एक हेडक्वार्टर डीसीपी एसएसपी रैंक का होगा। कैबिनेट बैठक के बाद सीएम योगी अलीगढ़ और फिरोजाबाद दौरे के ल‍िए रवाना हो जाएंगे। 

अभी यूपी के चार शहरों में है पुलिस कमिश्नर प्रणाली

शासन ने इसकी सफलता को देखते हुए ही कानपुर नगर व वाराणसी में भी पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लागू किया था। चार बड़े शहरों में इस प्रणाली का लागू किए जाने के बाद अब इसके और विस्तार की तैयारी है। माना जा रहा है कि शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में गाजियाबाद, प्रयागराज व आगरा में भी इस प्रणाली को लागू किए जाने के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल सकती है। बीते दिनों लखनऊ, कानपुर व वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के पुनर्गठन के बाद अन्य बड़े शहरों में पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने की संभावनाएं बलवती हो गई थीं। अगले चरण में मेरठ व गोरखपुर में भी पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू किए जाने की चर्चाएं भी हैं।

अधिकारियों में भी फेरबदल को लेकर अटकलें लगना तेज

बीते दिनों 2017 बैच के 14 युवा आइपीएस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से भेंट की थी। बीते दिनों ही पीपीएस संवर्ग के 30 अधिकारी पदोन्नति पाकर आइपीएस बने हैं। माना जा रहा है कि तीन नई पुलिस कमिश्नरेट के गठन के बाद इनमें से कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। प्रतीक्षारत अधिकारियों को भी तैनाती के साथ जोन व रेंज में तैनात अधिकारियों में भी फेरबदल को लेकर अटकलें लगना शुरू हो गई हैं। कैबिनेट बैठक में खेल नीति पर भी मुहर लग सकती है। चिकित्सा शिक्षा, परिवहन, लोक निर्माण समेत कुछ अन्य विभागों के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी जा सकती है।

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