भावुक हुए प्रधानमंत्री, किए ये बड़े ऐलान।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को आंध्रप्रदेश के भीमावरम में स्वतंत्रता सेनानी अल्लुरी सीताराम राजू की 125वीं जयंती समारोह में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने एक अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पसाला कृष्णमूर्ति के परिजनों से मुलाकात की। 

पीएम ने कृष्णमूर्ति की 90 साल की बेटी पसाला कृष्ण भारती के चरणों में शीश नवाया तो उन्होंने सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। पसाला कृष्ण मूर्ति आंध्र प्रदेश के एक सम्मानित स्वतंत्रता सेनानी थे। पीएम मोदी पसाला कृष्ण भारती के अलावा भारती की बहन और भतीजी से भी मिले। इससे पहले पीएम मोदी ने स्वतंत्रता सेनानी अल्लुरी सीतराम राजू की 125वीं जयंती समारोह में भाग लिया। पीएम ने कांस्य की बनी उनकी प्रतिमा का अनावरण भी किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा, ‘आंध्र की इस धरती की महान आदिवासी परंपरा को, इस परंपरा से जन्मे सभी महान क्रांतिकारियों और बलिदानियों को भी आदरपूर्वक नमन करता हूं। सीताराम राजू गारू की 125वीं जन्मजयंती व रम्पा क्रांति की 100वीं वर्षगांठ को पूरे साल मनाया जाएगा।

‘आजादी का संग्राम बलिदानों का इतिहास’ 

प्रधानमंत्री ने कहा, आजादी का संग्राम केवल कुछ वर्षों का, कुछ इलाकों का या कुछ लोगों का इतिहास नहीं है। ये इतिहास, भारत के कोने-कोने और कण-कण के त्याग, तप और बलिदानों का इतिहास है। उन्होंने कहा, हमारे स्वतंत्रता आंदोलन का इतिहास हमारी विविधता, सांस्कृतिक शक्ति और एक राष्ट्र के रूप में हमारी एकजुटता का प्रतीक है।

‘सीताराम राजू गारू की जीवन यात्रा हमारे लिए प्रेरणा’ 

पीएम मोदी ने कहा, सीताराम राजू गारू भारत की सांस्कृतिक और आदिवासी पहचान, भारत के आदर्शों व मूल्यों के प्रतीक हैं। उनकी जीवन यात्रा हम सभी के लिए प्रेरणा है। भारत के आध्यात्म ने सीताराम राजू गारू को करुणा और सत्य का बौद्ध दिया। आदिवासी समाज के लिए समभाव और मम्भाव दिया, त्याग और साहस दिया।

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