सीएम केजरीवाल का बड़ा बयान।

नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के डर से दुनियभार में प्रतिबंध लगने शुरू हो गए हैं। इसी वैरिएंट पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अफसरों की एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई। उन्होंने कहा कि नए वैरिएंट को लेकर हमें अभी से अलर्ट होने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में छूट देने की जो योजनाएं हैं, उनकी फिर से समीक्षा भी की जानी चाहिए।

साउथ अफ्रीकन वैरिएंट को लेकर पीएम की 6 हिदायतें

1. नए वैरिएंट के लिए हमें अभी से तैयारी की जरूरत है।

2. जिन इलाकों में ज्यादा केस आ रहे हैं, वहां पर निगरानी और कंटेनमेंट जैसी सख्ती जारी रखी जाए।

3. लोगों को और ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है। मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी चीजों का पालन सही तरह से किया जाए।

4. अंतरराष्ट्रीय यात्राओं में छूट देने की योजना की समीक्षा की जाए।

5. कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज की कवरेज बढ़ाने पर फोकस करना चाहिए।

6. राज्यों को इस बात पर ध्यान देना होगा कि जिन्हें पहली डोज मिल गई है, उन्हें दूसरी डोज समय पर दे दी जाए।

वैज्ञानिकों ने बताया वैरिएंट ऑफ सीरियस 

मोदी की अध्यक्षता में यह बैठक ऐसे समय बुलाई गई है, जब अफ्रीका में मिले कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर दुनियाभर के देश डर गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इंफेक्शियस डिजीज ने बताया- देश में इस वैरिएंट के अब तक 22 केस मिले हैं। वैज्ञानिकों ने इसे बी.1.1.529 नाम दिया है। इसे वैरिएंट ऑफ सीरियस कंसर्न बताया है।

सीएम केजरीवाल की केंद्र सरकार से मांग

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उन देशों से फ्लाइट पर रोक लगाने की मांग की है, जो कोरोना के नए वैरिएंट से प्रभावित हैं। वहीं सीएम केजरीवाल ने कहा कि बड़ी मुश्किल से हमारा देश कोरोना से उबर पाया है। हमें इस नए वैरिएंट को भारत में आने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास करना चाहिए।

भारत ने भी उठाए सख्त कदम

हॉन्गकॉन्ग, बोत्सवाना और इजराइल से आने वाले यात्रियों की जांच के लिए सभी एयरपोर्ट्स को निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। राज्यों से कहा गया है कि वे दक्षिण अफ्रीका, हॉन्गकॉन्ग, बोत्सवाना और इजराइल से आने वाले यात्रियों की अच्छी तरह से जांच करें। किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें।

शासन-प्रशासन ने कसी कमर

राज्यों और यूटीएस को लिखे एक लेटर में हेल्थ सेक्रेटरी राजेश भूषण ने कहा- पॉजिटिव पाए जाने वाले सैंपल्स को तुरंत जीनोम सीक्वेंसिंग लैबोरेटरी में भेजा जाए। देश के नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल ने भी इस वैरिएंट को लेकर आगाह किया है।

सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में इस वैरिएंट के केस मिले थे। वहां अब तक इस वैरिएंट से 77 लोग इंफेक्ट हो गए हैं। बोत्सवाना में भी 4 लोग इस वैरिएंट से इंफेक्टेड मिले हैं। चिंता वाली बात ये है कि बोत्सवाना में पूरी तरह वैक्सीनेटेड लोग भी इसकी चपेट में आ गए हैं।

साथ ही हॉन्ग कॉन्ग में भी इस नए वैरिएंट के 2 केस मिले हैं। फिलहाल दोनों मरीजों को आइसोलेशन में रखा गया है और निगरानी की जा रही है। इजराइल में भी इस वैरिएंट से इंफेक्टेड एक केस की पुष्टि हुई है। इंफेक्टेड व्यक्ति दक्षिण अफ्रीकी देश मलावी से लौटा है।

क्या वैक्सीन इस पर असर नहीं करेगी?

ऐसा माना जा रहा है। चूंकि वैक्सीन को चीन में मिले वायरस के हिसाब से बनाया गया है, लेकिन ये स्ट्रैन उस मूल वायरस से अलग है। हो सकता है कि इस वैरिएंट पर वैक्सीन इफेक्टिव न हो। इफेक्टिव हो भी तो उसकी एफिकेसी कम हो सकती है। हालांकि, इस बारे में अभी कुछ भी पुख्ता जानकारी नहीं है।

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