बर्खास्त करके बैकफुट पर नहीं जाना चाहती बीजेपी सरकार। हटाते ही सरकार की साख को होगा बड़ा नुकसान।

डेली जनमत न्यूज डेस्क। लखीमपुर खीरी हिंसा किसानों से जुड़ा मामला होने के कारण सरकार की जमकर किरकिरी हुई। इसके पीछे पूरे मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और उनके बेटे का जुड़ा होना बड़ा कारण है। विपक्ष और किसान नेता हर कीमत में केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी की जहां मांग कर रहे हैं वहीं प्रदेश सरकार पर उनके बेटे मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा को सहुलियत दिए जाने का आरोप लगा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री की बर्खास्तगी को लेकर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी जहां सबसे अधिक आक्रामक दिख रही हैं, वहीं किसान नेता राकेश टिकैत ने आंदोलन शुरू करने तक की  चेतावनी दे डाली है। 

इसके अलावा समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव लगातार सरकार की कार्यशैली को लेकर तंज कस रहे हैं। कांग्रेस का तो प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति तक से मिलकर मंत्री अजय मिश्र की बर्खास्तगी  की मांग कर चुका है। विपक्ष का इतना हमलावर होना ही शायद केंद्रीय मंत्री के लिए कवच का काम कर रहा है। 

किसानों को गाड़ी से कुचलने का मामला काफी गंभीर है। इसे सरकार भी हल्के में नहीं ले सकती है। लेकिन जिस तरह से एक ओर किसानों की मौतें हैं तो दूसरी ओर उनके मंत्री और उससे जुड़ी सरकार की साख का भी सवाल है। हालांकि चुनाव नजदीक होने से हो सकता है कि केंद्र की बीजेपी सरकार खुद की साख कायम करने के लिए मंत्री की कुर्बानी दे भी देती। लेकिन जिस तरह से विपक्ष बर्खास्तगी की मांग को लेकर हावी है, उससे बीजेपी के रणनीतिकार समझते हैं कि यदि विपक्ष की मांग पर मंत्री को बर्खास्त किया जाता है तो माना जाएगा कि सरकार और पार्टी दोनों दबाव में आ गए। साथ ही पूरे मामले को हार के रूप में देखा जाएगा। जो पार्टी व सरकार दोनों के लिए नुकसान पहुंचाने वाला होगा।

इसीलिए हमलावर विपक्ष की मांग को सरकारें नजरंदाज कर रही हैं। साथ ही मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा व उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी कराकर खुद को पाक-साफ दिखाना चाहती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पूरे मामले में सरकार व बीजेपी की काफी किरकिरी हो चुकी है। मामला केंद्रीय ग्रह राज्य मंत्री से जुड़ा होने के चलते विपक्ष इसे हर कीमत पर अपनी जीत में तब्दील करने को प्रयासरत है। वहीं बीजेपी सरकार जानती है कि यदि पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव के कुछ ही दिन बचे हैं, यदि इस समय विपक्ष के आगे झुके तो उसकी साख को भारी नुकसान हो सकता है। सरकार किसी भी सूरत में खुद को बैकफुट नहीं लाना चाहती। इसी के चलते विपक्ष की मंत्री को बर्खास्त करने की मांग ही केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के लिए रक्षा कवच बन गई है।

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