एनपीएस का जानिए आपको कैसे मिल सकता है लाभ।

नई दिल्ली। नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) देश के सभी नागरिकों के लिए उपलब्ध एक स्वैच्छिक पेंशन कार्यक्रम है। एनपीएस पेंशन अकाउंट खोलकर आप अपनी आय से हर महीने इसमें भुगतान कर सकते हैं और रिटायरमेंट के बाद एक बड़ी राशि मिलती है। एनपीएस में कम से कम 20 साल निवेश करना जरूरी है। खाता खुलने के बाद 60 साल की उम्र तक या मैच्योरिटी तक इसमें कंट्रीब्यूट करना होता है। एनपीएस में धारा 80सी और 80सीसीडी के तहत कर लाभ मिलता है, हालांकि, इस पेंशन योजना के तहत टैक्स कटौती से जुड़े नियम निजी कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों के लिए अलग-अलग हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों को होने वाले टैक्स लाभ

नेशनल पेंशन स्कीम में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए टैक्स छूट की सीमा रुपए 1.5 लाख है और लॉक-इन अवधि लगभग 3 वर्ष है। एनपीएस के तहत सरकारी कर्मचारियों के लिए तीन अलग-अलग स्तर हैं। केंद्र सरकार का कर्मचारी एनपीएस के तहत 3 खातों तक का लाभ उठा सकता है:(1) टियर (अनिवार्य), (2) टियर (वैकल्पिक) और (3) टियर  (लॉक-इन अवधि के साथ वैकल्पिक और कर लाभ के तहत धारा 80सी)।

राज्य सरकार और निजी क्षेत्र के कर्मचारियों को मिलने वाला टैक्स बेनेफिट

नेशनल पेंशन स्कीम में राज्य सरकार के कर्मचारी और प्राइवेट एम्पलाईज़ के लिए धारा 80बी के तहत कर कटौती की ऊपरी सीमा हर साल 1.5 लाख है। एनपीएस टियर 1 अकाउंट में निवेश पर ग्राहक को कर कटौती के तौर पर 50,000 रुपये का क्लेम करने की सुविधा मिलती है।

प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारी भी एनपीएस टियर- सेकेंड खाते में फंड डाल सकते हैं। लेकिन वे धारा 80 सी के तहत कर कटौती के लिए पात्र नहीं होंगे। हालांकि, वे लॉक-इन अवधि से मुक्त रहेंगे।

एनपीएस टियर 1 अकाउंट के तहत निजी और सरकारी दोनों कर्मचारियों के लिए कर लाभ।

नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में दो तरह के खाते खोलने की सुविधा होती है। इसमें टियर-1 अकाउंट पेंशन अकाउंट होता है। जबकि, टियर-2 अकाउंट वॉलंटियरी सेविंग्स अकाउंट है। सेकेंड टियर अकाउंट में इनकम टैक्स की धारा 80सीसीडी (1) के तहत 1.5 लाख रुपये की कटौती का लाभ मिलता है। हालांकि, कटौती की कुल राशि एक वित्तीय वर्ष में रुपए 1.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।

इसके अलावा करदाता एनपीएस टियर एक में योगदान के माध्यम से रुपए 50,000 की अतिरिक्त विशेष कटौती का भी दावा कर सकते हैं। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एनपीएस टियर सेकेंड अकाउंट खुलवाना अनिवार्य है जबकि टियर सेकेंड स्वैच्छिक अकाउंट है और आप इसे अपने हिसाब से चुन सकते हैं।

ऐसे कर सकते हैं ट्रांसफर

नेशनल पेंशन सिस्टम अकाउंट को ट्रांसफर भी किया जा सकता है। आप अपनी जरूरत के हिसाब से इसकी लोकेशन भी बदल सकते हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए आपको कहीं भी जाने की जरूरत नहीं है आपके सारे काम घर बैठे ही पूरे हो जाएंगे।

पूरी स्टोरी पढ़िए