एनसीबी ने कहा कि दोनों स्वतंत्र गवाह मनीष भानुशाली और किरन गोसावी को एनसीबी ऑपरेशन से पहले नहीं जानती थी।

डेली जनमत न्यूज डेस्क। क्रूज ड्रग्स केस में नार्कोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने एनसीपी के सीनियर नेता नवाब मलिक के आरोपों को निराधार और दुर्भावनापूर्ण बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एनसीबी के डिप्टी डीजी ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि क्रूज पर 2 अक्टूबर को की गई रेड और कार्रवाई नियमों के मुताबिक थी और जांच के बाद ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की गई। उन्होंने कहा कि हम बिना भेदभाव के काम करते हैं और दोनों स्वतंत्र गवाहों मनीष भानुशाली और किरन गोसावी को एनसीबी ऑपरेशन से पहले नहीं जानती थी।

डिप्टी डीजी ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि नियमों के मुताबिक, एनसीबी गवाहों को लेकर क्रूज पर पहुंची थी। अभी तक 9 स्वतंत्र गवाह इस केस में शामिल हुए हैं। एनसीबी 2 अक्टूबर की रेड से पहले इन्हें नहीं जानती थी। उन्होंने कहा कि रेड वाले दिन 14 लोगों को एनसीबी के दफ्तर लाया गया था। नोटिस जारी किए गए थे और उनसे पूछताछ की गई। सबूतों के अभाव के चलते 6 लोगों को छोड़ दिया गया था और 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। जांच के दौरान इन्हें जरूरत पड़ने पर फिर बुलाया जा सकता है। एनसीबी अधिकारी ने कहा कि सभी आरोप निराधार, बेबुनियाद, दुर्भावनापूर्ण हैं।

एनसीपी नेता ने लगाए यह आरोप

एनसीपी नेता नवाब मलिक ने एनसीबी और बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना है कि रेड के दौरान 8 नहीं बल्कि कुल 11 लोगों को हिरासत में लिया था, जबकि 3 लोगों को बाद में छोड़ दिया गया था, जिसमें बीजेपी नेता का एक रिश्तेदार भी था। नवाब मलिक ने कहा कि एनसीबी ने जिस दिन क्रूज पर छापेमारी की थी उस दिन एनसीबी के जोनल निदेशक समीर वानखेड़े ने कहा था कि हमने 8 से 10 लोगों को हिरासत में लिया है। एक जवाबदेह अफसर इस तरह फेक स्टेटमेंट कैसे दे सकता है। हिरासत में लिए गए 8 या 10 नहीं बल्कि 11 लोग थे।

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