जन्मदिन की बधाई देने पहुंचे पूर्व मंत्री, मुलाकात के बाद यूपी की सियासत गर्म।

लखनऊ। विधानसभा चुनाव को लेकर यूपी में रण सज चुका है। सियायी योद्धा लाव-लश्कर के साथ जमीन पर उतर चुके हैं तो वहीं जो पिछले कई माह से सुस्त थे वह भी एक्टिव हो गए हैं। इसी कड़ी में सपा सरंक्षक मुलायम सिंह यादव भी हैं, जो 2022 समर को कामयाब बनाने के लिए बेटे अखिलेश के साथ कंधे से कंधा मिलकर रणनीति बनाने में जुट गए हैं। मंगलवार को कवि कुमार विश्वास को समाजवादी पार्टी की सदस्यता लेने का ऑफर देने के बाद गुरूवार को मुलायम सिंह पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया से मुलाकात की। जिसको लेकर सियासी पंडित कई तरह से इसके मायने बता रहे हैं।

घर पर हुई दोनों नेताओं की मुलाकात

समाजवादी पार्टी के सरंक्षक मुलायम सिंह यादव से पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया मिलने के लिए उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। राजा भैया ने मुलाकात के बाद कहा कि ‘मैं नेता जी’ को जन्मदिन की बधाई देने गया था। मैंने नेता जी से उनके स्वास्थ्य के बारे में बातचीत की। इसे सियासी नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। 

विश्वास को सपा ज्वाइन करने का दिया ऑफर 

सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव पर लिखी पुस्तक राजनीति के उस पार के विमोचन कार्यक्रम के दौरान मुलायम सिंह यादव ने जाने-माने कवि कुमार विश्वास को समाजवादी पार्टी में शामिल होने का न्योता दे दिया था।  मुलायम ने यह संदेश हिंदी के वरिष्ठ कवि उदय प्रताप के जरिए दिया। उदय प्रताप ने जब यह बताया कि अभी नेताजी ने उनके कान में कहा है कि कुमार विश्वास यदि किसी पार्टी में नहीं हैं तो वह समाजवादी पार्टी में आ जाएं। यह सुनते ही मंच पर मौजूद कुमार विश्वास व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित पूरा हाल ठहाकों से गूंज उठा था। 


कुमार ने मुलायम-अखिलेश की तारीफ

कुमार विश्वास ने सपा संरक्षक मुलायम सिंह की तारीफ करते हुए कहा था कि हम उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए मुलायम सिंह व्यक्ति नहीं एक भावना हैं। आप उनके विचारों व निर्णयों से सहमत-असमहम हो सकते हैं। जिस प्रकार आज लोहिया, गांधी, नेहरू आदि नेताओं की चर्चा होती है उसी तरह आने वाली शताब्दी में मुलायम सिंह यादव की भी चर्चा होगी। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि आप संघर्ष करिए, देश व प्रदेश को आपकी जरूरत है। देश में जो चल रहा है वह चिंताजनक है। इस मिट्टी की तासीर ऐसी है कि यह नफरत के बीज ज्यादा दिन सहन नहीं करती, मोहब्बत की तासीर ही यहां चलती है। आज संघर्ष के पथ पर हैं आपको राजपथ पर पहुंचना है।

कौन हैं राजा भैया 

 प्रतापगढ़ के कुंडा से निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह ऊर्फ राजा भैया कुंडा से 1993 से लगातार विधायक चुने जा रहे हैं। वह भी बिना किसी दल के सहयोग के। वह पहली बार 1993 में वो कुंडा के विधायक चुने गए थे। उसके बाद से भदरी रियासत का यह राजकुमार कुंडा में अपराजेय है। राजा भैया ने 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के जानकी शरण को 1 लाख 3 हजार 647 वोट के अंतर से हराया था। यह जीत उत्तर प्रदेश के विधानसभा में सबसे अधिक वोटों के अंतर से हुई जीतों में दूसरे नंबर पर थी। 

मुलायम ने हटवाया था पोटा 

मायावती जब 2002 में मुख्यमंत्री बनीं तो उनकी सरकार ने बीजेपी विधायक पूरण सिंह बुंदेला की शिकायत पर 2 नवंबर 2002 को राजा भैया को गिरफ्तार करवा दिया। राजा भैया, उनके पिता और चचेरे भाई पर आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पोटा) की धाराएं लगाई गई थीं। राजा भैया की जेल की बैरक में एके-47 राइफल मिलने के बाद सरकार ने उन्हें 7 अलग-अलग जेलों में रखा। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के आधे घंटे बाद ही मुलायम सिंह यादव ने राजा भैया से पोटा हटाने का आदेश जारी कर दिया। इसके बाद वो जेल से अस्पताल पहुंचा दिए गए

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