हिंसा में आठ लोगों की गई थी जान, आशीष मिश्रा को पुलिस ने बनाया मुख्य आरोपी।

लखीमपुर खीरी। तीन अक्टूबर को जनपद में हिंसा भड़की, जिसमें किसानों समेत आठ लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को मुख्य आरोपी बनाते हुए मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर कोर्ट से तीन दिन की रिमांड मांगी थी। रिमांड रिमांड पूरी होने के 15 घंटे पहले ही आशीष मिश्र को जेल भेज दिया गया है।

एसआईटी ने पूछताछ के लिए आशीष मिश्रा की तीन दिन की रिमांड कोर्ट से मांगी थी। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक रिमांड पूरी होती। इससे पहले ही गुरुवार रात 7 बजे के करीब उसे जेल भेज दिया गया। हालांकि एसआईटी की टीम की तरफ से कोई बयान नहीं आया।

लखीमपुर खीरी हिंसा के मुख्य आरोपी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे आशीष मिश्रा 'मोनू' पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।  तिकुनिया पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत हत्या, 304-ए लापरवाह ड्राइविंग के कारण मौत , आपराधिक साजिश के लिए 120-बी, दंगा के लिए धारा 147, तेज ड्राइविंग के लिए धारा 279, गंभीर रूप से घायल करने के लिए धारा 338 व अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मुकदमा दर्ज होने के बाद एसआईटी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था और जेल भेज दिया।

उधर, लखीमपुर हिंसा का रीक्रिएशन करने के बाद शुक्रवार को एसआईटी की टीम पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश के आरोपी भतीजे अंकित दास और उसके साथी लतीफ को लेकर लखनऊ पहुंची थी। एसआईटी की टीम हुसैनगंज स्थित एमआई अपार्टमेंट में आरोपी अंकित के फ्लैट पहुंची। यहां से एक रिवॉल्वर व रिपीटर (बंदूक) बरामद की गई। इसके बाद आरोपियों को फन मॉल के पास स्थित सागर सोना होटल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, हिंसा के बाद अंकित डर कर इसी होटल में छिपा था और उसके बाद ही नेपाल भाग गया था। मुख्य आरोपी आशीष की गिरफ्तारी के बाद ही अंकित ने सरेंडर कर दिया था।

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