‘उद्धव ठाकरे के सामने ये प्लान कर गया काम।’

नई दिल्ली। महाराष्ट्र के सीएम एक नाथ शिंदे ने विधानसभा में बहुमत साबित कर लिया। विधायकों को संबोधित करते-करते अचानक वो रो पड़े। उन्होंने अपने बच्चों को याद कर बताया कि मेरी आंखों के सामने मेरे दोनों बच्चे डूब गए। शिंदे बोले मैंने राजनीति से सन्यास ले लिया। इसके बाद देशसेवा करने के लिए फिर आपके बीच आ गया हूं।  

महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार ने सोमवार को विधानसभा में बहुमत हासिल कर लिया है। पहली बार सीएम शिंदे ने विधानसभा के सदस्यों को संबोधित किया। इस दौरान शिंदे ने उस वाक्ये को भी याद किया, जब उनकी आंखों के सामने बेटा-बेटी की डूबने से मौत हो गई थी। उन्होंने विधानसभा में ये भी कहा कि मैं गद्दार नहीं हूं।

विधानसभा में भावुक हुए शिंदे

एकनाथ शिंदे विधानसभा भाषण में बेहद भावुक हो गए। उन्होंने याद किया कि कैसे उनके बच्चों की सतारा में डूबने से मौत हो गई थी और वे सार्वजनिक जीवन से बाहर आ गए थे। लेकिन उन्होंने फिर से शिवसेना के लिए काम करना शुरू किया और संगठन में काम किया। बता दें कि एक हादसे में शिंदे ने अपने 2 बच्चों को खो दिया था। उनका बेटा और बेटी उनकी आंखों के सामने सतारा में डूब गए थे। इस घटना के बाद शिंदे एकांतप्रिय हो गए थे। उन्होंने राजनीति छोड़ दी थी। 

‘विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं सीएम के रूप में भाषण दे रहा’ 

सीएम एकनाथ शिंदे ने बोले-शिवसेना की बीजेपी सरकार का बालासाहेब ठाकरे का सपना पूरा हो गया है। पिछले 20 दिनों से सभी 50 विधायकों ने मुझ पर और मेरे फैसले पर विश्वास किया है। मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं। मुझे अभी भी विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में भाषण दे रहा हूं। यह घटना ऐतिहासिक है। क्योंकि हमने गठबंधन छोड़ने का साहस किया है। मुझे उद्धव ने किया था फोन शिंदे ने कहा कि अपने मिशन के लिए निकलने से एक दिन पहले मैं परेशान था। विधान परिषद के लिए मतदान के दिन मेरे साथ दुर्व्यवहार किया गया था। सीएम ने भी मुझे फोन किया और पूछा कि कहां जा रहे हो? तुम वापस कब आओगे? मैंने कहा मुझे नहीं पता। लेकिन बालासाहेब की सीख ने मुझे वापस लड़ने की हिम्मत दी। 

पूरी स्टोरी पढ़िए