गर्भगृह में सोने की परत लगाने को लेकर क्यों हो रहा विवाद?

देहरादून। उत्तराखंड का केदारनाथ मंदिर हिंदू धर्म के सबसे ऐतिहासिक मंदिरों में से एक है। साल 2013 में आए त्रासदी के बाद केदारनाथ में सब उथल पुथल हो गया था। मोदी सरकार के आते ही इस मदिर को फिर से पहले जैसा करने के लिए काम तेजी से चला। और मंदिर पिरसर को पहले से और बेहतर बना दिया गया। अब इसी मंदिर को लेकर महाराष्ट्र के एक भक्त ने मंदिर के गर्भ गृह में सोने की परत चढ़ाने की इच्छा जाहिर की । जिसको लेकर पुरोहित लगातार विरोध कर रहे थे।  

केदारनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो गया है। केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह व चार खंभों को स्वर्णमंडित करने को लेकर यहां लगे चांदी को हटाने का कार्य तीन दिन पूर्व शुरू किया था। मंदिर समिति के अधिकारियों की मौजूदगी में चांदी को हटाने के बाद शनिवार को इसे मंदिर के भंडार गृह में सुरक्षित रख दिया गया। और सोने के परत लगाने की तैयारी चल रही है। 

 जानिए क्या था पूरा मामला 

दरअसल मंदिर के गर्भगृह को लेकर महाराष्ट्र के एक दानकर्ता ने अपनी इच्छा जाहिर की है, वो गर्भगृह को सोने की परत से मढना चाहते थे। लेकिम पुरोहितों का कहना था कि अगर सोने की परत चढाई जाती है तो केदारनाथ की अस्तित्व को नुकसान पहुंचेगी। आपको बता दें कि मंदिर के गर्भगृह में पहले से 230 किलो चांदी की परत लगाई गई है। अब चांदी की परत को हटाकर तांबे की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को लेकर ट्रायल किया जा रहा है, जिसका विरोध जमकर स्थानीय पुरोहित कर रहे हैं।   

पुरोहितों ने भूख हड़ताल करने की कही बात 

पुरोहित मंदिर के परिसर में दिन-रात पहरा दे रहे हैं ताकि किसी प्रकार का कोई काम ना हो सके। पुरोहितों का कहना है कि यह बिल्कुल ही गलत हो रहा है। इस संबंध में श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के सीईओ को एक पत्र भी लिखा गया है। पुरोहितों ने अपने पत्र में लिखा है कि जल्द से जल्द काम को रोका जाए। उन्होंने पत्र में लिखा है किइस कार्य से केदारनाथ की असली महत्व को नुकसान पहुंचेगी। साथ ही उन्होंन यह भी कहा कि अगर इस कार्य को रोका नहीं गया तो जल्द ही भूख हड़ताल करेंगे । 

चांदी का परत हटाकर सोने की परत चढ़ाने का चल रहा काम 

केदारनाथ मंदिर में लगे चांदी को हटाने का काम पूरा हो गया है। चांदी निकालकर मंदिर समिति के अधिकारियों की मौजूदगी में चांदी को हटाने के बाद शनिवार को इसे मंदिर के भंडार गृह में सुरक्षित रख दिया। इसके बाद अब चांदी के स्थान पर तांबा लगाने का कार्य शुरू किया है। आपको बता दें कि गर्भगृह की दीवारों पर तांबा चढ़ाने के बाद नाप लिया जाएगा और फिर से इस तांबे को निकालकर इसी के नाप की सोने की परत बनाई जाएगी। जो मंदिर के गर्भगृह, चारों खंभों व स्वयंभू शिवलिंग के आसपास की जलहरी में लगाई जाएगी।

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