नई दिल्ली और टूंडला रेलवे स्टेशन से बरामद हुए भारी मात्रा में कारतूस।

नई दिल्ली। देश में आतंकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के एनआईए  पूरी तरह तत्पर है। देश में कई जगहों से आतंकवादियों की गिरफ्तारियां हो रहीं हैं। आतंकियों के पास से पिस्टल्स, माउजर और एके-47 बरामद हो रही हैं। ये सब तब तक बेकार हैं, जब तक उसमें कारतूस न हों। कारतूस की बड़ी खेप इन आतंकियों के पास से मिल रही है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि आखिर कौन इन्हें कारतूसों की सप्लाई कर रहा है। एनआईए  ने इनपुट के आधार पर दिल्ली, जौनपुर और टूंडला से बड़े सप्लायर कारतूस की सप्लाई गैर कानूनी तरीके से करते पकड़े गए। इनकी निशानदेही पर अन्य संदिग्ध सप्लायरों के यहां छापे मारे जा रहे हैं।

आगरा मंडल के टूंडला रेलवे स्टेशन पर 22 अप्रैल को सात सौ कारतूस के साथ गन हाउस के मालिकों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया, पिछले दस माह में करीब 2.5 लाख कारतूसों को डीलर-टू-डीलर डील के जरिए कुख्यात अपराधी और नक्सलियों तक को बेचा जा रहा है। उन्होंने बताया कि सप्लाई करते वक्त ये नहीं देखते कि किसको ये कारतूस मुहैया कराए जा रहे हैं। 

अवैध कारतूस के साथ छह को किया जा चुका अरेस्ट

दिल्ली में 14 अगस्त को अवैध कारतूस के साथ हुई छह लोगों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसी एक बार फिर सक्रिय हो गई हैं। इनमें से तीन लोग यूपी के जौनपुर के रहने वाले हैं। इन लोगों ने कबूल किया है कि वे गन हाउस के मालिकों की मदद से कारसूतों की सप्लाई अपराधियों से लेकर आतंकियों तक को करते थे। 

दिल्ली में हजारों कारतूस के साथ पकड़े गए सप्लायर

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्रता दिवस से पहले आंनद विहार इलाके से कारतूस के 6 सप्लायर को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन लोग यूपी के जौनपुर के रहने वाले हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से 2 हजार जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। इन्हें उत्तराखंड के एक गन हाउस मालिकों से खरीदा गया था। यह गिरोह दिल्ली, यूपी, उत्तराखंड और बिहार में अवैध कारतूस की सप्लाई करता था।

अपराधी मुंह मांगी कीमत पर खरीद रहे कारतूस

अपराधी कारतूस सरकारी फैक्ट्री के ही खरीदना चाहते हैं। इसके लिए अपराधियों द्वारा कारतूस की मुंह मांगी कीमत अदा करते हैं। दरअसल, अवैध हथियार बनाने की फैक्ट्री तो कई हैं, लेकिन कारतूस की फैक्ट्री नहीं हैं। नतीजा गन हाउस पर 100 रुपए से दो सौ रुपए में बिकने वाला कारतूस जरूरत के हिसाब से तीन सौ से पांच सौ रुपए का बिक रहा है।

कानपुर के गन हाउस से आतंकी और नक्सली संगठन को बेचे गए कारसूत

कानपुर के रजिस्टर्ड गन हाउस से अपराधियों को ही नहीं, आतंकवादियों और नक्सलियों को हथियार और कारतूस सप्लाई किए गए हैं। एनआईए की जून 2013 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेसी नेताओं की फ्लीट पर हुए नक्सली हमले की जांच में सामने आया था कि कानपुर की एक गन शॉप से गन और कारतूस सप्लाई हुए थे। एनआईए की जांच में साल 2017 में लखनऊ में मारे गए आतंकी सैफुल्लाह को कानपुर से ही कारतूस मिले थे। 

ADG लॉ एंड ऑर्डर ने दी ये जानकारी

यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा, ‘यूपी पुलिस और जांच एजेंसियां दिल्ली पुलिस के संपर्क में हैं। यूपी अवैध कारतूस सप्लाई करने वालों से लेकर उनको खरीदने वालों तक के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। संदिग्धों पर एटीएस और खुफिया तंत्र पैनी निगाह बनाए हुए है।

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