16 अगस्त से देश भर में फ्लैग कलेक्शन ड्राइव की शुरुआत की गई।

दिल्ली। भारत की आजादी को 75 साल पूरे हुए तो सभी देशवासियों ने पीएम के आवाहन पर 'हर घर तिरंगा' कैंपेन को सफल बनाया। इस दौरान पूरे देश में तिरंगे फहराए गए और लोगों ने पूरी शान से 15 अगस्त तक खूब तिरंगे खरीदे। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 से 15 अगस्त के बीच देश में हर घर तिरंगा अभियान कैंपेन की शुरुआत की थी, जिसके तहत पूरे देश में घरों, सड़कों, बाजारों और कार्यालयों को राष्ट्रीय ध्वज से सजाया गया था। 

आजादी के जश्न के बाद अब जिम्मेदारी है कि लोग राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान करें और तिरंगे को फिर से ससम्मान रखा जाए। आपको बता दें कि जिस तरह से झंडा रोहण करने के कई नियम होते हैं, उसी तरह अब झंडे को रखने और उतारने के भी कई नियम हैं। 

ऐसे रखना चाहिए झंडा 

बताते चलें कि भारतीय ध्वज संहिता 2002 यह अनिवार्य करती है कि झंडों को नगरपालिका के कचरे के साथ नहीं फेंका जाना चाहिए। इसके साथ ही निजी तौर पर इसे दफनाना या जलाना नहीं चाहिए। साथ ही लोग नगर निगम की जोनल कार्यालयों से भी संपर्क कर सकते हैं। वहां स्वच्छता निरीक्षकों को तिरंगा जमा करा सकते हैं। इस कलेक्शन के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि तिरंगे का निपटान गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों के अनुसार किया जा रहा है या नहीं। 

झंडे को सुरक्षित जगह रखें 

अगर तिंरगा फट जाए या किसी तरह से खराब हो जाए, तो उसको दोबारा न फहरायें। झंडे को दफनाने के लिए उसे पहले एक बॉक्स में रखें और सम्मान के साथ शांतिपूर्ण माहौल में दफना दें। लेकिन इसे कूड़ेदान या किसी अन्य जगह पर न फेंके। वहीं अगर आपको ऐसा लग रहा हो कि आपका झंडा सही है उसे फहराया जा सकता है तो इसे अपने पास रखें और दोबारा फहरायें।  

नजदीकी पेट्रोल पंप पर जमा करें तिरंगा 

तिरंगे का अपमान ना हो इसके लिए आईओसी यानि (Indian Oil Corporation) ने 16 अगस्त यानी आज से देश भर में फ्लैग कलेक्शन ड्राइव की शुरुआत की है। इस ड्राइव के जरिए कोई भी इंडियन ऑयल के नजदीकी पेट्रोल पंप पर जाकर तिरंगे को जमा कर सकेगा। इस वजह से जो भी शख्स अपने घर पर अब तिरंगा नहीं फहराना चाहता हो वो अपनी इच्छा से अपना तिरंगा पेट्रोल पंप पर जमा कर सकते हैं। 

तिरंगे के अपमान पर ये हो सकती है सजा

बतातें चलें, कि यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करता है, इसे जलाते, दूषित करते, कुचलते या नियम विरुद्ध ध्वजारोहण करते पाया जाता है तो उसे तीन साल की जेल या जुर्माना देने का दंड मिल सकता है। व्यक्ति को जेल और जुर्माना दोनों से ही दंडित किया जा सकता है।

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