पीएजीडी ने जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने मिलकर जताई नाराजगी।

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुला ने कहा कि कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्में देश का महौल खराब करती हैं। देश में हिंसा फैलाने का काम करती हैं। उन्होंने एलजी मनोज सिन्हा के सामने इस फिल्म की जमकर आलोचना की, और कहा कि भविष्य में ऐसी फिल्में न बनाई जाएं।

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात कर कश्मीर पंडितों की सुरक्षा और अन्य प्रदेश के मुद्दों को उनके सामने उजागर किया है। उनका मकसद मिलने का यह था कि उपराज्यपाल को बताया जाए कि प्रदेश में अमन और कानून की स्थिति खराब है और पर्यटकों का आना अमन नहीं है। हर रोज लोग मारे जा रहे हैं। इस पर काबू पाया जाना चाहिए। द कश्मीर फाइल्स’ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस फिल्म ने पूरे देश में नफरत पैदा की है। प्रदेश में भी इस फिल्म के चलते लोगों के बीच नफरत की भावना बढ़ी है। ऐसी फिल्मों को बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई मीडिया संस्थान भी हिंदू-मुस्लिम के बीच लगातार नफरत फैला रहे हैं। ऐसे मीडिया चौनलों को बंद किया जाना चाहिए।

अब्दुला का आरोप, कश्मीरी पंडित के घर नहीं जाने दे रही सरकार

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वे कुलगाम में राजपूत व्यक्ति की हत्या और बडगाम में कश्मीरी पंडित राहुल भट्ट के कत्ल पर उनके घर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें जाने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि वे वहां कोई सियासत करने के लिए नहीं जाना चाहते थे, बल्कि हमदर्दी जताना चाहते थे। अगर सरकार उन्हें ऐसा भी करने की भी इजाजत नहीं देगी, तो ऐसे दूरियां किस तरह कम होंगी।

पीएजीडी के प्रतिनिधि मंडल ने एलजी से की मुलाकात

रविवार को पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लेरेशन (पीएजीडी) के प्रतिनिधिमंडल ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी। मुलाकात के बाद पांच दलों के गठबंधन के प्रवक्ता एमवाई तारिगामी ने कहा कि घाटी कश्मीरी पंडितों का भी उतना ही घर है, जितना कश्मीरी मुस्लिमों का। वे उनसे अपील करते हैं कि आप अपने घर को छोड़कर कहीं न जाएं। यह हमारे और आपके लिए पीड़ादायक होगा। अगर कश्मीरी पंडित राहुल भट की हत्या के मद्देनजर कश्मीर छोड़ना चाहते हैं तो मारे गए कश्मीरी मुस्लिमों के परिवारों का क्या होगा। अगर राहुल की हत्या हुई तो पुलिसकर्मी रियाज भी मारे गए हैं। रियाज का परिवार और रिश्तेदार कहां जाएंगे। आपको अपना घर नहीं छोड़ना चाहिए। हम इस त्रासदी का मिलकर सामना करेंगे और एक दूसरे की रक्षा करेंगे।

 

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