कानपुर में होने हैं नगर निगम के चुनाव।

कानपुर। कानपुर में नगर निगम के चुनाव होने हैं। इससे पहले शहर की मेयर प्रमिला पांडेय का कार्यकाल खत्म हो गया। उन्होंने नगर निगम का गेस्ट हाउस सोवार को खाली कर दिया। इसके बाद उनके नाम का बोर्ड उतार दिया गया है। चुनाव होने तक कानपुर जिलाधिकारी कार्यभार संभालेंगे।

गेस्ट हाउस में महापौर के परिवार के सदस्य रहा करते थे। केयर टेकर के मुताबिक पूरा गेस्ट हाउस खाली हो चुका है। अब मंगलवार को महापौर के चैंबर के भीतर भी प्रशासक पद के आगे डीएम विशाख जी का नाम लिखा जाएगा। विकास कार्यों की वित्तीय व्यवस्था अब प्रशासक की अध्यक्षता में गठित की गई कमेटी करेगी। इसमें नगर आयुक्त शिव शरणप्पा जीएन और मुख्य लेखाधिकारी होंगे। हालांकि कोई बड़ी पॉलिसी तय करने का अधिकार इस कमेटी को नहीं होगा।

किराए पर ले सकेंगे गेस्ट हाउस

सोमवार को कार्यकाल खत्म होने के बाद नगर निगम के गेस्ट हाउस से पांच साल बाद महापौर का कब्जा हट गया है। अब बाहर से आने वाले अतिथियों के लिए गेस्ट हाउस के कमरे उपलब्ध हो सकेंगे। सस्ते में लोगों को यहां के कमरों में ठौर मिल सकेगा।

गेस्ट हाउस में हो सकेंगे कार्यक्रम

प्रमिला पांडेय महापौर बनीं थीं तो पूरे गेस्ट हाउस में वो और उनके कार्यकर्ता रहते थे। नगर निगम यहां के हॉल में न तो कोई कार्यक्रम आयोजित करा सकता था और न ही अतिथियों को ही ठहरा सकता था। गेस्ट हाउस को लेकर पूरे पांच साल उच्चाधिकारी चुप्पी साधे रहे। कोई भी सवाल पूछने की हिम्मत नहीं जुटा पाया।

150 रुपए में कमरे हो जाते थे बुक

पूर्व महापौर कैप्टन जगतवीर सिंह द्रोण ने गेस्ट हाउस के सिर्फ एक ही हिस्से में अपना ऑफिस बनाया था। हॉल और अतिथियों के ठहरने के लिए तीन कमरों की चाभी केयर टेकर के पास रहा करती थी। तब लोगों को महज बिना एसी वाले कमरे 150 में और एसी वाले कमरे 200 में मुहैया हो जाते थे। जो टोकन मनी मात्र थे।

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