48 घंटे तक चली कार्रवाई, करोड़ों की टैक्स चोरी की बात सामने आई।

बांदा। इनकम टैक्स विभाग कानपुर की टीम ने  पूर्व विधायक दलजीत सिंह के आवास पर छापा मारा। करीब 48 घंटे तक टीम ने घर, ऑफिस और कारोबार के ठिकानों को खंगाला। करीब  साढ़े आठ लाख रुपये, संपत्तियों और खनन संबंधी तमाम अभिलेख कब्जे में लेने के साथ उन्हें बोरों में भरकर लेकर चली गई है।

आवास पर छापा 

कानपुर से इनकम टैक्स विभाग की टीम बांदा जनपद के कालूकुआं स्थित पूर्व विधायक के आवास पहुंची। टीम ने परिवार के सदस्यों के बाहर जाने पर रोक लगा मोबाइल फोन स्विच ऑफ करा दिए। पूर्व विधायक, उनके भाई मंगल सिंह, दलपत सिंह और परिवार के सात अन्य सदस्यों से पूछताछ की। बेडरूम में टीम को 20 लाख रुपये कैश रखे मिले। टीम को पूर्व विधायक के घर से संपत्तियों और खनन संबंधी तमाम दस्तावेज मिले, जिन्हें कब्जे में लिया। 

करोड़ों की सपंत्ति बेनामी 

पूर्व विधायक के घर से इनकम टैक्स विभाग की टीम को जमीनों की खरीद-फरोख्त आदि से संबंधित 13 अभिलेख और खनन संबंधी पर्चियां, डायरियां, कई बैंकों की पासबुक व चेकबुक, कंपनी से जुड़े अभिलेख मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक, लगभग 10.77 करोड़ की संपत्ति को आयकर विभाग की टीम बेनामी मान रही है। पूर्व विधायक फौरी तौर पर ब्योरा टीम को नहीं दे पाए। 

पूर्व विधायक के भाई मंगल सिंह शेयर होल्डर

सूत्रों के मुताबिक, मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित दो कंपनियां (डिजियाना प्राइवेट लिमिटेड व कौटिल्या एकेडमी) से पूर्व विधायक के जुड़े तारों के बारे में आयकर ने पड़ताल की। इन कंपनियों में पूर्व विधायक के भाई मंगल सिंह शेयर होल्डर हैं। इस पैसे का इनकम टैक्स बकाया है। पूर्व विधायक के घर से मिले कागजों को आयकर विभाग टीम बोरों में भरकर ले गई है। टीम को सबसे ज्यादा बालू खदान और खनन से जुड़ी पर्चियां मिली हैं। इसके अलावा रजिस्ट्री व अन्य दस्तावेज भी अलग बोरों में भरकर टीम अपने साथ ले गई।

इंदौर में रेड के बाद कानपुर की टीम की कार्रवाई

मध्य प्रदेश की आयकर विभाग टीम ने गुरूवार को इंदौर में भी डिजियाना ग्रुप कंपनियों की जांच-पड़ताल कर कुछ अभिलेख जुटाए हैं। इंदौर में छापे के दौरान आयकर टीम को मिली डायरी में पूर्व विधायक का नाम (दलजीत सिंह) लिखा होने के कारण कानुपर इनकम टैक्स टीम एक्शन में आते हुए उनके बांदा स्थित आवास पर जांच की। 

यह नंबर एक का पैसा

आयकर टीम के छापे को लेकर पूर्व विधायक दलजीत सिंह ने कहा कि वर्ष 2018 में डिजियाना ग्रुप में उन्होंने, भाई मंगल सिंह और दलपत सिंह ने पांच करोड़ रुपये लगाए थे। यह नंबर एक का पैसा था। ग्रुप की बांदा में चार बालू खदानें थीं। कंपनी ने उनके भाइयों का पैसा अभी तक वापस नहीं किया। टीम को जो पैसा घर से मिला है, ये पेट्रोलपंप की बिक्री के थे। कोई अवैध संपत्ति से संबंधित दस्तावेज टीम को नहीं मिले।

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