300 से ज्यादा की प्रजातियों के उगाए आम।

नई दिल्ली। आम एक ऐसा फल है, जिसको पूरी दुनिया पसंद करती है। इसकी कई तरह की प्रजाति पाई जाती है। जिसमें हर एक आम का अपना अलग स्वाद होता है। लेकिन लखनऊ के मलीहाबाद में एक ऐसा पेड़ है, जिसमें 300 प्रकार के आम उगाए जाते हैं। जिसको की मैंगोमैन के नाम से मशहूर कलीमउल्लाह खान उगाते हैं। बताते चलें, आम एक ऐसा फल है जिसको भारत ही नही पूरे विश्व में पसन्द किया जाता है। जहां आमों की चर्चा हो, वहां मैंगोमैन का नाम ना आये ऐसा हो ही नही सकता।

कौन है ‘मैंगोमैन’

मैंगोंमैन के नाम से मशहूर कलीमउल्लाह खान लखनऊ के पास स्थित मलीहाबाद के रहने वाले है। जिन्होंने अपनी मेहनत के दम पर आम का एक ऐसा पेड़ तैयार कर चुके हैं, जिसमें आम के 300 प्रजातियों को उगाया जाता है। मलीहाबाद के आम देश में ही नही बल्कि विदेशों में भी खूब पसन्द किये जाते हैं। जब कही बात हो आमों की तो कलीमउल्लाह खान का भी जिक्र आ ही जाता है। बताते चलें कलीमउल्लाह खान के नाम कई रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। कलीम लगभग हर साल आम की एक नई प्रजाति विकसित करते हैं, और उसको अपना नया नाम देते हैं। 

कैसे की शुरुआत 

कलीमउल्लाह खान 15 साल के थे जब उन्होंने एक गुलाब के पेड़ में अलग-अलग फूलों को देखा तो उनके मन में कुछ करने की प्रेरणा मिली। कलीम ने आम की डाल को दूसरे प्रजाति के आम के डाल से जोड़ा। साल 1987 में  उन्होंने यह प्रयोग करने के लिए एक 100 साल पुराने आम को चुना, जिसमें वो सफल हो गये। कलीमुल्‍लाह के आमों की बगिया की खासियत यह है कि यहां मौजूद आमों के पेड़ की सभी पत्तियां एक-दूसरे से अलग हैं। इनके हरे रंग से लेकर उनकी चमक तक में अंतर है। 80 साल के कलीमुल्‍लाह ने आमों की कई नई वैरायटी तैयार की है। जिनके नाम देश के कई बड़े शख्सियतों के नाम पर रखे हैं। इनके नाम योगी आम, सोनिया आम, ऐश्‍वर्य आम रखे गये है, तो वही उन्होंने आम की एक प्रजाति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर भी रखा है। जिसका नाम है।

सफलता की कहानी, कलीम की जुबानी

कलीमुल्लाह अपने प्रयोग से आम के एक ही पेड़ पर अलग-अलग प्रजाति को विकसित करते चले आ रहे हैं। जैसे आम की अलग अलग डाल पर अलग अलग तरह के आम की प्रजाति। जिसमें दशहरी, केसर, केसर, तोतापारी, अल्‍फांसो आदि ऐसे कई नाम हैं। बताते चलें कि मैंगोमैन कलीमउल्लाह खान को पद्मश्री से नावजा जा चुका है।

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