PM बिलासपुर में एम्स कैंपस का करेंगे उद्घाटन।

नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी पांच अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के दौरे पर आ रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी बिलासपुर में एम्स कैंपस का उद्घाटन करने के अलावा यहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। बाद में कुल्लू दशहरा उत्सव में भी हिस्सा लेंगे। ये पहली बार होगा जब पीएम कुल्लू दशहरा उत्सव में शामिल होंगे।

हिमाचल प्रदेश में कल बुधवार को मोदी के कई कार्यक्रम हैं, इस बार पीएम की रैली को कवर करने वाले इच्छुक पत्रकारों से कहा गया है कि पहले वो चरित्र प्रमाण पत्र जमा कराएं। एक रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल सरकार के आदेश के मुताबिक सभी पत्रकारों को हिमाचल प्रदेश यात्रा को कवर करने के लिए एक चरित्र प्रमाण पत्र पेश करना होगा।

दूरदर्शन समेत सरकारी मीडिया देंगे प्रमाण पत्र

पीएम मोदी के दौरे को कवर करने के लिए सभी पत्रकारों को कैरेक्टर सर्टिफिकेट और सिक्यॉरिटी पास बनवाने को कहा गया है। जिला प्रशासन के इस आदेश से विवाद खड़ा हो गया है। इससे पहले 24 सितंबर को खराब मौसम के चलते पीएम मोदी का यहां दौरा टल गया था। सिर्फ निजी स्वामित्व वाले प्रिंट, डिजिटल या टीवी पत्रकारों को ही नहीं बल्कि ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन समेत सरकारी मीडिया प्रतिनिधियों को भी चरित्र प्रमाण पत्र देना होगा। इस संबंध में जिला पुलिस प्रशासन ने 29 सितंबर 2022 को ये अधिसूचना जारी की थी। अधिसूचना में कहा गया है, 'चरित्र सत्यापन का प्रमाण पत्र पुलिस उपाधीक्षक, सीआईडी, बिलासपुर के कार्यालय द्वारा दिया जाएगा।

जारी की गई अधिसूचना की निंदा

पत्रकारों को सुरक्षा पास के लिए एक चरित्र प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की अधिसूचना पर भड़के आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता पंकज पंडित ने कहा कि पत्रकारिता में अपने 22 साल के करियर में, वो पहली बार इस तरह की 'विचित्र' अधिसूचना देख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि 'मोदी जी पहली बार राज्य का दौरा नहीं कर रहे हैं। चरित्र प्रमाण पत्र पेश करने की मांग अपमानजनक है।' हिमाचल कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने भी प्रशासन की इस अधिसूचना की निंदा की और कहा कि ये कदम मीडिया की स्वतंत्रता के खिलाफ है।

'ये औपचारिकता सभी के लिए अनिवार्य’

डीपीआरओ बिलासपुर ने सुरक्षा पास जारी करने के लिए आधिकारिक पहचान पत्र स्वीकार करने से इनकार करते हुए कहा कि इसके लिए चरित्र प्रमाण पत्र जरुरी है। डीपीआरओ कुलदीप गुलेरिया ने कहा, 'ये औपचारिकता सभी के लिए अनिवार्य है। दूसरीओर हैरान करने वाली बात ये है कि जहां एक ओर पत्रकारों से चरित्र सत्यापन केप्रमाण पत्र मांगा जा रहा है, वहीं  रैली में शामिल होने के लिए लाए जाने वाले हजारों लोगों को किसी तरह के पहचान प्रमाण की जरूरत नहीं होगी। 

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