पार्टी हाईकमान ने अयोध्या से योगी के नाम पर लगभग-लगभग लगा दी मुहर, ओबीसी वोटर्स को साधने के लिए मौर्य को भी चुनाव के मैदान में उतारने जाने का बनाया गया प्लान।

लखनऊ। विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। राजनीतिक दल 2022 के सियासी दंगल में अपने-अपने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करनी शुरू कर दी है। कांग्रेस के बाद अखिलेश यादव और जयंत चौधरी ने 29 प्रत्याशियों के नामों के ऐलान के बाद बीजेपी हाईकमान भी एक्शन पर है। जानकार बताते हैं कि सीएम योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से तो वहीं डिप्टी सीएम के केशव प्रसाद मौर्य कौशांबी और डॉक्टर दिनेश शर्मा का लखनऊ से चुनाव के मैदान में उतरना तय माना जा रहा है।

यहां से मिल सकता है टिकट

 विधानसभा चुनाव में राम मंदिर निर्माण की लहर बहा रही बीजेपी राष्ट्रवाद को धार देने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ाने जा रही है। बीजेपी के साथ सीएम के करीबी लोगों ने अयोध्या में योगी की चुनावी जमीन तैयार करना शुरू कर दिया है। जबकि केशव प्रसाद मौर्य को कौशांबी जिले की सिराथू विधानसभा सीट से उतारा जा सकता है। यह उनकी पारंपरिक सीट रही है। वह बीजेपी के बड़े ओबीसी नेताओं में से एक माने जाते हैं। स्वामी प्रसाद मौर्य, धर्मपाल सैनी समेत कई अन्य ओबीसी नेताओं के पार्टी से जाने के बाद उनकी अहमियत और बढ़ गई है। उन्हें चुनावी समर में उतारकर बीजेपी ओबीसी वोटबैंक को साधने की कोशिश में है। सिराथू में 5वें चरण में चुनाव होना है। वहीं दूसरे डिप्टी सीएम डॉक्टर दिनेश शर्मा लखनऊ की किसी एक सीट से चुनाव के मैदान में उतर सकते हैं।

योगी को जीत दिलाने के लिए जुटे कार्यकर्ता

2022 के उम्मीदवारों के लिए बुधवार को बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक हुई। जिसमें योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ाने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। वहीं शीर्ष नेतृत्व ने भी योगी को अयोध्या से लड़ाने की मंजूरी दी है। जिसके बाद बीजेपी कार्यकर्ता अयोध्या में योगी को जीत दिलाने के लिए जुट गए हैं। खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सत्ता संभालते ही अयोध्या को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा। योगी ने दीपावली पर हर वर्ष अयोध्या में दीपोत्सव के आयोजन के साथ अयोध्या के घाटों, मंदिरों के साथ समूची अयोध्या के विकास पर जोर दिया है। वहीं पार्टी के रणनीतिकारों का मानना है कि सीएम योगी के अयोध्या से चुनाव लड़ने से ना केवल देश में अच्छा संदेश जाएगा बल्कि अवध और पूर्वांचल की सीटों पर भी बीजेपी को बढ़त मिलेगी।

अखिलेश के हर दांव का काट

पार्टी सूत्रों के मुताबिक एक तरफ बीजेपी सीएम योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से उतारकर हिंदुत्व को धार देना चाहती है। इसके अलावा दिनेश शर्मा को ब्राह्मण चेहरे और केशव प्रसाद मौर्य को ओबीसी फेस के तौर पर प्रोजेक्ट करने की तैयारी है। यही नहीं इन दोनों नेताओं को पूरी आक्रामकता के साथ प्रचार में उतारा जा सकता है। दरअसल प्रदेश में ओबीसी बिरादरियों और ब्राह्मणों की नाराजगी का नैरेटिव विपक्ष की ओर से तैयार किया गया है। ऐसे में बीजेपी इन नेताओं को आगे करके इसकी काट करने की कोशिश कर सकती है।  

केशव प्रसाद मौर्य बड़े नेता

केशव प्रसाद मौर्य आरएसएस के पुराने नेता रहे हैं और वीएचपी में थे। विश्व हिंदू परिषद के नेता रहे अशोक सिंघल के वह करीबी थे। कहा जाता है कि वीएचपी कोटे से ही पहली बार वह चुनावी समर में उतरे थे।  बीजेपी ने 2016 में उन्हें विधानसभा चुनाव की जिम्मेदारी दी थी। 2017 में भाजपा को बड़ी जीत मिली थी और इसके बाद उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया। यादव बिरादरी इस चुनाव में सपा के साथ मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है। इसलिए बीजेपी की रणनीति है कि अन्य ओबीसी वर्गों को छिटकने से रोका जा सके। केशव प्रसाद मौर्य ने पहली बार 2012 में विधानसभा चुनाव सिराथू सीट से ही लड़ा था। यहां उन्होंने बड़ी जीत हासिल की थी। मौर्य ने 2014  के लोकसभा चुनाव में फूलपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया था और यहां भी वह बड़े अंतर से जीते थे। 

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