सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक दलों को अपनी आधिकारिक वेबसाइटों के साथ समाचार पत्रों और सोशल मीडिया पर आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों का विवरण अपलोड करने का निर्देश दिया था।

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है। ऐसे में चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को आईना दिखाने का एक और काम बढ़ा दिया है। अब हर राजनीतिक दल को आपराधिक छवि वाले प्रत्याशी को टिकट देने का कारण बताना होगा। हालांकि यह व्यवस्था सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लागू हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सियासी दलों ने यूपी चुनाव में अपने दागी उम्मीदवारों के दाग गिनाने शुरू भी कर दिए हैं, लेकिन उसके साथ सफाई भी दी जा रही है। हालांकि अब यह देखना होगा कि राजनीतिक दलों का यह स्पष्टीकरण जनता को कितना लुभाता है।

उत्तर प्रदेश में 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। ऐसे में बीजेपी ने अब तक 107 प्रत्याशियों की घोषणा की है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत 29 उम्मीदवारों का आपराधिक रिकॉर्ड जारी किया गया है। बीजेपी ने उन्हें टिकट देने की दिलचस्प वजह भी बताई है। उनका कहना है कि ज्यादातर नाम जिला इकाई से आए थे, ये स्थानीय स्तर पर काफी लोकप्रिय हैं और राजनीतिक कारणों से मुकदमे दर्ज हुए हैं। 

डिप्टी सीएम के चुनाव लड़ने पर बताई दिलचस्प वजह

इसी तरह सिरथू सीट से प्रत्याशी डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के बारे में पार्टी ने कहा है कि वह न केवल अपने निर्वाचन क्षेत्र में बल्कि राज्य भर में बेहद लोकप्रिय हैं। उनका नाम स्थानीय जिला इकाई द्वारा योग्यता, उनके सामाजिक कार्य, गरीबों के उत्थान के क्षेत्र में किए गए कार्यों के आधार पर आगे बढ़ाया गया था। उन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण मामलों में फंसाया गया है। इसी तरह थाना भवन से बीजेपी उम्मीदवार सुरेश राणा के बारे में पार्टी ने कहा कि वह वर्तमान सरकार में मंत्री हैं और किसानों के गन्ना बकाया जारी करने में “उत्कृष्ट कार्य” के कारण वे लोकप्रिय हैं। वहीं सरधना से उम्मीदवार संगीत सोम के लिए बीजेपी ने कहा कि उन्हें राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण झूठे मामलों में फंसाया गया है।

सपा ने भी आपराधिक रिकॉर्ड वाले प्रत्याशियों पर दी सफाई

वहीं समाजवादी पार्टी ने अब तक 35 से अधिक प्रत्याशियों की घोषणा की है, जिसमें से 21 का आपराधिक रिकॉर्ड पार्टी द्वारा जारी किया गया है। सपा का कहना है कि ये उम्मीदवार दूसरों से बेहतर हैं। वह एक सामाजिक कार्यकर्ता हैं और जनता की मदद करने में आगे रहते हैं। जिससे क्षेत्र में उनकी बेहद लोकप्रियता है। पार्टी ने यह भी कहा कि उम्मीदवारों ने कोविड महामारी के दौरान लोगों की मदद की। कुछ मामलों में, कुछ उम्मीदवारों के परिवारों की राजनीतिक पृष्ठभूमि का जिक्र किया गया है।

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