बाबरी मस्जिद के पूर्व पैरोकार इकबाल अंसारी ने कहा, सीएम ने सबका विकास कार्य किया, यूपी में पिछले पांच साल के दौरान एक भी दंगा नहीं हुआ।

अयोघ्या। चुनावी पर्व पर राजनीतिक दलों की तरफ से जीत-हार के दावों के बीच बाबरी मस्जिद के पूर्व पैरोकार इकबाल अंसारी ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि योगी आदित्यनाथ के अयोध्या से चुनाव लड़ने से न सिर्फ यहां के लोगों का विकास होगा, बल्कि आसपास के जनपदों की सूरत बदलेगी। अंसारी ने कहा कि इसबार मुस्लिम समाज योगी को वोट करने जा रहा है क्योंकि ये पहली सरकार है जिसमें कोई दंगा नहीं हुआ। मुसलमानों को कोई तकलीफ नहीं हुई।

सूबे में एक भी दंगा नहीं हुआ

इकबाल अंसारी ने दावा किया कि सीएम योगी अयोध्या में विकास को और बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से अब तक मुस्लिम समाज के साथ राजनीतिक दलों ने छल किया। योगी सरकार आने के बाद बिना भेदभाव के सबका विकास हुआ। सूबे में एक भी दंगा नहीं हुआ। राम मंदिर का फैसला आया तो सभी धर्म के लोगों ने उसका स्वागत किया। योगी आदित्यनाथ संत हैं और वह जो कहते हैं, उसे करके दिखाते हैं। ऐसे में 2022 के चुनाव में अयोध्या का मुस्लिम समाज योगी को वोट करेगा।

बाबरी मस्जिद के थे पैरोकार

पूरी जिंदगी बाबरी मस्जिद के पक्ष में मुकदमा लड़ने वाले मोहम्मद हाशिम अंसारी का देहांत 2016 में 98 साल की उम्र में हो गया था। अंसारी पेशे से टेलर थे। वे 1948 से ही मामले में पक्षकार रहे थे। हाशिम अंसारी ही वह पहले शख्स थे, जिन्होंने फैजाबाद के सिविल जज कोर्ट में मामला दायर किया था। उन्होंने अपने मामले में हर तरह का फैसला लेने की ‘पावर ऑफ अटॉर्नी’ अपने बेटे इकबाल अंसारी को दे दी। 2016 के बाद से लगातार इकबाल अंसारी ही पिता का शुरू किया गया केस लड़ रहे थे। इकबाल अंसारी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद से ही मंदिर के पक्ष में अपना समर्थन देते रहे हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाने वाले दूसरे पक्षकार मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बयानों पर भी नाराजगी जताई थी। वह लगातार कहते रहे हैं कि मामले में सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है, उसे सभी पक्षों को स्वीकार कर लेना चाहिए।

बीजेपी की बैठक में लिया गया फैसला

दरअसल, गुरुवार को हुई बैठक के दौरान पार्टी के भीतर योगी आदित्यनाथ को अयोध्या सीट से चुनाव लड़ाने को लेकर भी चर्चा हुई है। लेकिन इसके बारे में अंतिम फैसला पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) पर छोड़ दिया गया है। योगी अभी विधानपरिषद के सदस्य हैं। वह पांच बार गोरखपुर से सांसद रह चुके हैं। ज्ञात हो कि सीईसी उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप देती है।

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