ऐसे दिया जाता है पदम भूषण अवॉर्ड।

नई दिल्ली। पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार से नवाजा जाएगा। बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने पद्मभूषण पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केन्द्र सरकार की ओर पद्म पुरस्कारों का ऐलान किया गया। इस वर्ष कुल 128 हस्तियों को पद्म पुरस्कार दिए जाएंगे। बता दें कि इसमें पूर्व सीडीएस जनरल बिपिन रावत का भी नाम है। उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार से नवाजा जाएगा। जबकि यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को भी मरणोपरांत पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। इस वर्ष 4 हस्तियों को पद्म विभूषण, 17 हस्तियों को पद्म भूषण ,जबकि 107 हस्तियों को पद्म श्री सम्मान से नवाजा जाएगा।

इन हस्तियों को मिलेगा पदम भूषण 

इस साल के पद्म पुरस्कारों में पद्म भूषण पुरस्कार के लिए बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का भी नाम है। सार्वजनिक क्षेत्र में उनकी सेवा के लिए उन्हें पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित करने का ऐलान किया गया। बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा कि अगर सचमुच में उन्हें पद्मभूषण पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया गया है तो वह इसे अस्वीकार करते हैं। उन्हें इस पुरस्कार के बारे में बताया ही नहीं गया ना ही उनकी सहमति ली गई है।

गायिका संध्या मुखर्जी ने भी ठुकराया पद्म सम्मान

वहीं 90 वर्षीय वरिष्ठ गायिका संध्या मुखर्जी ने भी पद्मश्री पुरस्कार लेने से मना कर दिया है। एक न्यूज एंजेंसी से बात करते हुए संध्या मुखर्जी का कहना है कि यह पुरस्कार उनके एक जूनियर कलाकार के लिए अधिक योग्य है ना कि उनके जैसे कद के किसी व्यक्ति के लिए।

संध्या मुखर्जी की बेटी सौमी सेनगुप्ता ने कहा कि उनकी मां को दिल्ली से वरिष्ठ अधिकारी ने फोन किया था। उनकी मां ने अधिकारी से कहा कि इस पुरस्कार के प्राप्तकर्ता के रूप में नामित होने के लिए वो तैयार नहीं हैं, क्योंकि उम्र के हिसाब से इस पुरस्कार की पेशकश पर वह अपमानित महसूस कर रही हैं।

किन लोगों को दिया जाता है पद्म पुरस्कार

पद्म पुरस्कार उन हस्तियों को दिया जाता है जिन्होंने कला, साहित्य ,शिक्षा, खेल, विज्ञान, समाज सेवा, लोक कार्य ,सिविल सेवा, व्यापार और उद्योग समेत अलग-अलग क्षेत्रों में असाधारण उपलब्धियां हासिल की है या अपनी विशिष्ट सेवाएं दी हैं। पद्म पुरस्कारों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है और लोगों को उनकी सेवा के आधार पर पद्म पुरस्कार दिया जाता है।

ऐसे होता है पदम पुरस्कारों का चुनाव

अनुसार केंद्र सरकार 1954 से भारत रत्न और पद्म पुरस्कार दे रही है। 1954 में इसके 3 वर्ग थे, पहला वर्ग , दूसरा वर्ग और तीसरा वर्ग। लेकिन 1955 के गणतंत्र दिवस से पहले इनके वर्गों के नाम बदल दिए गए। 8 जनवरी 1955 से इनका नाम हो गया पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री।

पूरी स्टोरी पढ़िए