किसानों के इस प्रोटेस्ट को देश की दर्जन भर से ज्यादा विपक्षी पार्टियों ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है।

नई दिल्ली. कृषि कानून के विरोध में शुरू किए गए किसान आंदोलन के 6 महीने पूरे हो गए हैं। किसान कृषि कानून के विरोध में बुधवार को काला दिवस मना रहे हैं। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली बाॅर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। किसान नेता राकेश टिकैत ने इसको लेकर पहले ही ऐलान कर दिया था। उन्होंने कहा था कि किसान शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन करेंगे। गांव-गांव में धरने दिए जाएंगे। चैराहों पर विरोध के स्वरूप पुतले जलाए जाएंगे। 


विपक्षी पार्टियों का समर्थन

किसानों के इस प्रोटेस्ट को देश की दर्जन भर से ज्यादा विपक्षी पार्टियों ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए बड़ी तादाद में यूपी, हरियाणा और पंजाब से किसानों के नए जत्थों के दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचने का सिलसिला जारी है। 


दिल्ली पुलिस तैयार

दिल्ली पुलिस के सामने सबसे बड़ी चिंता यह है कि कहीं किसान 26 जनवरी की तरह दिल्ली पर चढ़ाई करके कानून व्यवस्था की धज्जियां न उड़ा दें। ऊपर से बॉर्डर पर भीड़ बढ़ने के साथ ही कोरोना का खतरा बढ़ने की भी आशंका है। ऐसे में पुलिस के सामने दोहरी चुनौती होगी। हालांकि अभी दिल्ली में लॉकडाउन भी चल रहा है, ऐसे में भीड़ इकट्ठी करने और किसी भी तरह के धरने-प्रदर्शन की इजाजत नहीं है, लेकिन पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि 26 जनवरी की घटना से दिल्ली पुलिस को जो सबक मिले हैं, उसे देखते हुए पुलिस अपनी तरफ से पूरी तैयारी रखेगी।

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