गांव के रामपाल का कहना है कि जब अधिकारी आते हैं तभी गांव में स्वास्थ्य शिविर लगता है।

कानपुर। दक्षिण पश्चिम मानसून इस वर्ष काफी देर से विदा हुआ और स्थानीय कारणों से भी बारिश होती रही। इसके अलावा मौसम के बदलाव से कभी तेज धूप तो कभी तेज सर्द भरी हवाएं चलती रहीं। इसका सबसे अधिक खामियाजा कुरसौली के ग्रामीणों को उठाना पड़ रहा है, क्योंकि मौसम के बदलाव से डेंगू का कहर इस गांव में कम होने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रामीणों के अनुसार यहां अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है।  

शहर के कल्याणपुर ब्लॉक के कुरसौली गांव में डेंगू का कहर एक बार फिर तीखे तेवर दिखा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार देर रात तक यहां दो मौतें हुई। जबकि पड़ोस के गांव मकसूदाबाद में भी एक 17 वर्षीय किशोर की मौत हो गई है। वहीं कुरसौली में एक 14 वर्षीय किशोरी व 48 वर्षीय महिला की मौत हो गई। तीनों मरीजों का इलाज हैलट में चल रहा था, लेकिन हैलट प्रशासन ने यह कहा है कि तीनों की मौत बुखार से हुई है, जबकि इनकी तीनों की रिपोर्ट पहले पॉजिटिव आयी थी।

अधिकारियों के आने पर होती है फॉगिंग  

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में डेंगू का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है और प्रशासन आंख बंद किये हुए है। जब मीडिया में मौतों की खबर आती हैं तो अधिकारी गांव में आते हैं। सिर्फ इस दौरान ही फॉगिंग होती है। अधिकारियों के जाने के बाद इस गांव की कोई सुध नहीं लेने वाला है। गांव के रामपाल ने बताया कि जब अधिकारी आते हैं तभी गांव में स्वास्थ्य शिविर लगता है। जबकि गांव में बराबर डेंगू से मौतें हो रही हैं और मौतों में भी खेल हो रहा है। यहां पर जो भी मौतें डेंगू से हो रही हैं। उनको अस्पताल में बुखार आने पर मौत दिखाई जाती है।

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