समाजवादी पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुट गई।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद सियासत तेज हो गई है। बीजेपी के बड़े नेता लगातार सपा में शामिल हो रहे हैं। इस बीच समाजवादी पार्टी कार्यालय में कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जुट गई। सपा ने इस कार्यक्रम को वर्चुअल रैली का नाम दिया था, इस पर चुनाव आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन का संज्ञान लिया है।समाजवादी पार्टी के वर्चुअल रैली में कोरोना नियमों के उल्लंघन पर लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में सपा के 2500 नेताओं और कार्यकर्ताओं पर एफआईआर दर्ज हो गई है। सभा में कोरोना प्रोटोकॉल भी टूटता नजर आया। अब आचार संहिता के उल्लंघन पर चुनाव आयोग ने संज्ञान लिया है।

लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश ने बताया कि बिना अनुमति सपा कार्यालय में कार्यक्रम हुआ। इसकी सूचना मिलने पर तुरंत मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस टीम को सपा दफ्तर भेजा गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ चुनाव आयोग के सीनियर अफसर भी वहां मौजूद हैं। लखनऊ के डीएम ने कहा कि रिपोर्ट आते ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस एफआईआर करेगी।

चुनाव आयोग ने रैलियों पर लगाई रोक

गौरतलब है कि कोरोना की तीसरी लहर के बीच चुनाव आयोग ने रैलियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। इसके बावजूद अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग के नियमों की अनदेखी करते हुए लखनऊ में बड़ी रैली की। बीजेपी से सपा में शामिल हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने चुनाव आयोग के नियमों की पूरी तरह से अनदेखी की। इस दौरान वहां हजारों की भीड़ जुटी। चुनाव आयोग ने आचार संहिता के उल्लंघन के बाद मामले का संज्ञान लिया है।

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