आजादी की 75वीं सालगिरह पर कांग्रेस निकालेगी भारत जोड़ो यात्रा।

नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में नई दिल्ली में चिंतन शिविर का अयोजन किया गया। इस शिविर में कई अहम फैसलों पर निर्णय लिया गया।

उदयपुर में हुए कांग्रेस के नव संकल्प चिंतन शिविर में लिए गए अहम फैसलों पर अमल को लेकर प्रियंका गांधी की मौजूदगी में मंगलवार को दिल्ली में पार्टी के तमाम महासचिवों और प्रभारियों की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक के बाद पार्टी महासचिव अजय माकन ने कहा कि चिंतन शिविर में लिया गया हर फैसला पार्टी के लिए नव संकल्प नहीं बल्कि ‘दृढ़ संकल्प’ है और हर एक फैसला पूरी तरह से लागू किया जाएगा।

एक पद पर 5 साल से ज्यादा रहने वाले नेता होंगे पदमुक्त

बैठक के बाद कांग्रेस महासचिव अजय माकन ने कहा कि संगठन के हर स्तर पर युवाओं को 50 फीसदी जगह दिए जाने का फैसला कांग्रेस कार्यसमिति से लेकर सबसे निचल स्तर तक जल्द से जल्द लागू कर दिया जाएगा। यही नहीं, इस बात का भी फैसला किया गया कि पार्टी के नेता जल्द ही राज्यों के दौरों पर जाएंगे और ऐसे नेताओं की पहचान की जाएगी जो एक ही पद पर 5 साल से ज्यादा समय से बैठे हैं, और उन्हें जल्द से जल्द पदमुक्त किया जाएगा। एक व्यक्ति एक पद के निर्णय के तहत भी ऐसे सभी लोगों की पहचान की जाएगी जिनके पास दो पद हैं और उस पर भी तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

‘आजादी के 75वें साल के उपलक्ष्य में कांग्रेस निकालेगी संकल्प यात्रा’

माकन ने साथ ही ऐलान किया कि संगठन में खाली पड़े सभी पद भी जल्द से जल्द भर दिए जाएंगे। माकन ने ये भी बताया की बीजेपी की राजनीति से टक्कर लेने के लिए के मध्य से टुकड़ो में टूटते भारत को जोड़ने का काम कांग्रेस करेगी। इसके लिये भारत जोड़ो यात्रा निकालेगी। यही नहीं साथ ही 9 अक्टूबर से आजादी के 75 वें साल के उपलक्ष्य में पदयात्राए निकाली जाएंगी।

नेताओं के काम का होगा आंकलन

आज की बैठक के बाद ये भी ऐलान हुआ कि पार्टी महासचिवो समेत सभी पदाधिकारियों के कामों का आंकलन होगा और उचित कार्यवाई की जाएगी। आंतरिक पब्लिक इनसाईट डिपार्टमेंट को भी जल्द हीं व्यवस्थित कर दिया जाएगा। साथ ही ये अहम फैसला भी हुआ है कि कांग्रेस अपने संचार विभाग को नए से पुनर्गठित करेगी और सोशल मीडिया और विचार विभाग भी अब अलग नहीं बल्कि सीधे कम्यूनिकेशन विभाग के दायरे में आएंगे। यही नहीं, राज्यों के कम्यूनिकेशन महासचिव भी राष्ट्रीय कम्यूनिकेशन महासचिव के मशविरे से हीं चुने जाएंगे।

अभी नहीं तो कभी नहीं

इन सभी निर्णयों के पीछे वजह एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने बताया कि कांग्रेस नेतृत्व और पूरी पार्टी को इस बात का एहसास हो गया है कि अब नहीं तो कभी नहीं। अगर अब ये बदलाव लागू नहीं किये तो कांग्रेस विलुप्त हो जाएगी. बुधवार को फिर कांग्रेस महासचिवों और प्रभारियों की बैठक दिल्ली में होगी।

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