यूपी मॉडल अपना रही असम सरकार।

नई दिल्ली। असम में अब ‘योगी मॉडल’ से एक्शन हुआ है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अंदाज में अब असम में जिहादी मदरसे पर हिमंत बिस्वा का बुलडोजर चला है। असम के मोरीगांव में एक मदरसे पर बुलडोजर चलाया गया है। दरअसल, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने जिहादी एक्टिविस्ट के खिलाफ ये अभियान चलाया गया है। बताया जा रहा है कि, मदरसे को पहले सील किया गया था। अब इसी मदरसे पर बड़ी कार्रवाई करते हुए जमींदोज कर दिया गया है। आतंकी मुस्तफा उर्फ मुफ्ती मुस्तफा द्वारा संचालित जमीउल हुदा मदरसा पर बुलडोजर चलाया गया है।

यूपी मॉडल अपना रही असम सरकार

आपको बता दें कि, उत्तर प्रदेश में जिस तरह से आतंकियों, माफिया और अपराधियों के खिलाफ बुलडोजर चलाया गया है और उसके बाद अलग-अलग राज्यों में बुलडोजर के तहत एक्शन किया गया है। बता दें कि, असम पुलिस को सूचना मिली थी कि मुस्तफा उर्फ मुफ्ती के आतंकी संगठन से जुड़े होने की जानकारी मिली थी, मुस्तफा के बांग्लादेशी आतंकी संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम से तार जुड़े होने के संकेत मिले थे। जिसके बाद पुलिस ने 28 जुलाई को मुस्तफा को अन्य साथियों के धर दबोचा था।

पुलिस को मिला अवैध हथियार और देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त

पुलिस ने उसके पास से कुछ मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी। मुस्तफा मोरीगांव में मदरसे चलाता था। इस मदरसे के जरिए आतंकी मॉड्यूल को अंजाम देने का शक था। जिसके बाद पुलिस ने एक्शन लेते हुए उसको गिरफ्तार किया था।

सीएम बोले-मदरसा इस्लामिक कट्टर पंथ का बनता जा रहा अड्डा

इससे पहले सीएम सरमा ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि, यह संदेह से परे साबित हो चुका है कि असम इस्लामी कट्टरपंथियों का अड्डा बनता जा रहा है। बीते कुछ महीनों में राज्य में बांग्लादेशी स्थित आतंकी संगठन के 5 मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।

कानपुर में इन जगहों पर हुआ मदरसों का सर्वे 

शासन के आदेशानुसार शहर में मदरसों का सर्वे शुरू हो गया है। गुरुवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने सर्वे कर 41 मदरसे चिह्नित किए हैं, जो गैर पंजीकृत हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के 28, बिल्हौर के छह, घाटमपुर के तीन और नरवल के चार मदरसे शामिल हैं।

गैर मान्यता प्राप्त मदरसे हुए चिह्नित

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बताया कि जिले में कुल 250 पंजीकृत मदरसे हैं, जिसमें से 24 अनुदानित हैं। एक हफ्ते में सभी गैर पंजीकृत मदरसे चिह्नित कर सूची प्रशासन को सौंपी जाएगी। इसके बाद विभाग, प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमें बच्चों व शिक्षकों से लेकर फंडिंग समेत 12 बिंदुओं पर जानकारी एकत्रित की जा रही है।

इन बिंदुओं पर किया जा रहा है सर्वे:

संस्था जो मदरसे का संचालन कर रही हैं।

स्थापना कब हुई, किसने की।

कक्षाएं, पानी, फर्नीचर, बिजली आपूर्ति, शौचालय की जानकारी।

विद्यार्थियों और शिक्षकों की संख्या।

आय के स्रोत।

मदरसे में पढ़ाए जाने वाले कोर्स की जानकारी।

मदरसा किस संस्था या गैर सरकारी समूह से संबद्ध।

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