छत्तीसगढ़ सरकार को बसपा प्रमुख ने दी ये नसीहत।

लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने शनिवार को एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने सिंघु बॉर्डर पर मारे गये दलित युवक  की नृशंस हत्या मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। ट्वीट कर लिखा कि दिल्ली सिंघु बॉर्डर पर पंजाब के एक दलित युवक की नृशंस हत्या अति-दुखद व शर्मनाक है। 

पुलिस घटना को गंभीरता से लेते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे। पंजाब के दलित सीएम भी लखीमपुर खीरी की तरह पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए की मदद व सरकारी नौकरी दें।

https://twitter.com/Mayawati/status/1449233016539082760

एक घंटे में किए दो ट्वीट

बसपा मुखिया ने एक घंटे में ही किए अपने दूसरे ट्वीट में छत्तीसगढ़ में दुर्गा विसर्जन के दौरान कार से कुचलने से हुई एक व्यक्ति की मौत पर शोक व्यक्त किया। साथ घटना की तुलना लखीमपुर खीरी में तीन अक्टूबर को हुई वारदात से की है। उन्होंने लिखा - छत्तीसगढ़ में दुर्गा विसर्जन के दौरान भीड़ को कार से कुचलने से हुई एक व्यक्ति की मौत व अनेकों के घायल होने की घटना अति-दुखद, जो लखीमपुर खीरी की घटना की याद ताजा करती है। कांग्रेस सरकार पीड़ित परिवारों को आर्थिक मदद व नौकरी दे तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।

ये है पूरा मामला

लखबीर सिंह की हत्या के मामले में वकील शशांक शेखर झा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। उन्होंने शुक्रवार शाम को शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की जल्द से जल्द सुनवाई की मांग की है। इसके साथ ही, याचिका में वकील ने मांग की है कि सिंघु बॉर्डर को भी जल्द खाली करवाया जाए। बता दें कि किसान आंदोलन के मंच के पास बैरिकेड से लटकता एक दलित शख्स लखबीर सिंह का शव बरामद किया गया था। मृतक पंजाब के तरन-तारन जिले का रहने वाला था। उसकी तीन बेटियां भी हैं, जोकि अपनी मां के साथ रहती हैं।

हत्या को अंजाम देने वाले का नाम सरवजीत 

कहा जा रहा है कि इस हत्या को अंजाम देने वाले शख्स का नाम सरवजीत सिंह हैं, जिसने कल शाम सोनीपत पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। ये वारदात उस किसान आंदोलन में हुई है, जिसे अब तक शांतिपूर्ण बताया जा रहा था। लेकिन वारदात के बाद अब राजनीतिक रिएक्शन भी शुरू हो गए हैं। हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि घटना से उनका कुछ लेना देना नहीं है और दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए।

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