क्रिकेट खिलाड़ियों में कोरोना का संक्रमण न आ सके, इसलिए प्लेयर्स को बायो बबल के घेरे में रखा जा रहा है।

कानपुर। देशभर में कोविड-19 (Covid-19) के कारण क्रिकेट मैचों का आयोजन बायो बबल (Bio Bubble) में किया जा रहा है। भारत और न्यूजीलैंड (India-New Zealand) के बीच जारी टेस्ट सीरीज में भी इसका ख्याल रखा जा रहा है, लेकिन ग्रीन पार्क में मैच के चौथे दिन कमेंटेटर सुनील गावस्कर (Sunil Gavaskar) ने इसे तोड़ दिया। बता दें कि सुनील गावस्कर ने मीडिया सेंटर में लगने वाली लिफ्ट का भूमि पूजन किया। इस दौरान उन्होंने मास्क भी नहीं लगा रखा था, जबकि वहां पर कई लोग मौजूद थे और सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्ज्यिां उड़ाई गई। ये देखकर ऐसा लग रहा था कि गावस्कर शायद भूल गए कि वह बायो बबल सर्कल में हैं। 

बीसीसीआई के निर्देशों के मुताबिक, टीम का कोई भी खिलाड़ी, स्पोर्टिंग स्टाफ और कमेंटेटर बायो बबल घेरे से बाहर नहीं जा सकता है। इसे इसलिए बनाया गया था ताकि खिलाड़ियों में कोरोना का संक्रमण न आ सके, लेकिन इन नियमों का न तो खिलाड़ी पालन कर रहे हैं और न ही कमेंटेटर। जहां ग्रीन पार्क में 25 नवंबर को मैच शुरू होने से पहले कप्तान अजिंक्य रहाणे और कोच राहुल द्रविड़ ने यह घेरा तोड़ा था। वहीं अब कमेंटेटर सुनील गावस्कर ने इसे तोड़ दिया। दरअसल, रविवार को टेस्ट मैच के चौथे दिन सुनील गावस्कर मीडिया सेंटर में लगने वाली लिफ्ट के लिए भूमि पूजन के स्थान पर पहुंचे और वहां मौजूद कमीश्नर राजशेखर, ग्रीन पार्क डायरेक्टर मृदुला समेत तमाम यूपीसीए पदाधिकारियों के साथ पूजन किया। इस दौरान सुनील गावस्कर समेत तमाम लोगों ने मास्क नहीं लगा रखा था और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया।  

सुनील गावस्कर से कराना चाहते थे भूमि पूजनः कमिश्नर

भारत और न्यूजीलैंड टेस्ट मैच से पहले ग्रीन पार्क में लिफ्ट नहीं लगने से कप्तान आजिक्य रहाणे और अंतरराष्ट्रीय कमेंटेटर सुनील गावस्कर नाराज हुए थे। उन्होंने शनिवार को यूपीसीए और खेल निदेशक को आड़े हाथ लिया। जिसके बाद रविवार को यूपीसीए हरकत में आया और जिला प्रशासन के साथ मिलकर मीडिया सेंटर में लिफ्ट लगवाने की प्रक्रिया शुरू की गयी। रविवार दोपहर सुनील गावस्कर और कमिश्नर डॉ. राजशेखर ने लिफ्ट लगाने वाली जगह पर दोबारा भूमि पूजन किया। इसके बाद गावस्कर ने पूछा कि आखिर लिफ्ट लगाने में इतना समय क्यों लगा। जबकि मैंने 2016 में ग्रीन पार्क में हुए मैच के दौरान लिफ्ट के लिए अनुरोध किया था। लेकिन इतने साल बाद भी आप लोग लिफ्ट नहीं लगवा सके। इस पर कमिश्नर ने कहा कि हम लोग आपसे ही लिफ्ट के लिए भूमि पूजन कराना चाहते थे। इसलिए देरी हुई।

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