बता दें कि गजेंद्र झा ने मांझी को लेकर कहा था कि जो भी जीतन राम मांझी की जुबान काटकर लाएगा उसे 11 लाख रुपये दूंगा।

डेली जनमत न्यूज डेस्क। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी का ब्राह्मण को लेकर दिया गया बयान चर्चा में बना हुआ है। बिहार समेत पूरे देश में यह मसला गरमा रहा है और हर जगह मांझी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। हालांकि जीतन राम मांझी ने अपने इस विवादित बयान पर माफी मांगी है। उन्होंने ट्वीट किया है कि एक जाति के खिलाफ बोले गये मेरे शब्द स्लिप ऑफ टंग हो सकता है, जिसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं। वैसे मैं ब्राह्मणवाद के खिलाफ हूं। इस व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर मांझी की जीभ काटने वाले को 11 लाख देने की बात कहने वाले बीजेपी नेता गजेंद्र झा को पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। इसके अलावा गजेंद्र झा से 15 दिनों के भीतर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। बता दें कि गजेंद्र झा ने मांझी को लेकर कहा था कि जो भी जीतन राम मांझी की जुबान काटकर लाएगा उसे 11 लाख रुपये दूंगा। 

23 को होगी मांझी के बयान पर सुनवाई

गौरतलब है कि जीतन राम मांझी ने ब्राह्मणों को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर माफी तो मांग ली है लेकिन ब्राह्मण समाज की तरफ से उनके खिलाफ गुस्सा बढ़ता जा रहा है। जीतन राम मांझी के खिलाफ बिहार के कोर्ट और अलग-अलग थानों में शिकायत दर्ज की गई। उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई है। पूर्व सीएम जीतनराम मांझी के विरुद्ध जाति (ब्राह्मण) विशेष के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने व सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का आरोप लगाते हुए सीजेएम कोर्ट में मुकदमा किया है। इसकी सुनवाई 23 दिसंबर को होगी। स्थानीय व्यवहार न्यायालय में मंगलवार को सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश पांडेय ने यह मुकदमा किया। वे लहेरी थाना क्षेत्र के मथुरिया मोहल्ला के निवासी हैं। 

हर जगह हो रहा विरोध

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, गयाजी धाम, बिहार के राष्ट्रीय प्रवक्ता मृत्युंजय नाथ गोपाल उर्फ मृत्युंजय गोपाल पाण्डेय ने बयान जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बयान की निंदा की है। उन्होंने प्रतिष्ठित पद पर रह चुके जनप्रतिनिधि द्वारा किसी खास समुदाय पर इस तरह की टिप्पणी पर आपत्ति जतायी है। कहा कि श्री मांझी अनाप-शनाप बोल रहे हैं। उनका बयान समाज में विभेद पैदा करने वाला है। बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्रालय, नई दिल्ली, मुख्य न्यायाधीश उच्च न्यायालय पटना को  संज्ञान लेकर इन्हें दंडित करने की बात कही है।

समाज के लोगों ने फूंका पुतला

 ब्राह्मण समाज के लोगों ने स्टेट बैंक के सामने जीतनराम मांझी का पुतला दहन किया। इसके पूर्व प्रखंड कार्यालय के प्रांगण में ब्राह्मण समाज के लोगों ने एकत्रित होकर एक बैठक की। उसके बाद लोगों ने प्रखंड परिसर से जीतनराम मांझी के पुतला के साथ जुलूस लेकर निकला। जुलूस थाना चौक होते हुए स्टेट बैंक के पास मेन रोड पर पुतला दहन किया। जुलूस में राम का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान। ब्राह्मण एकता जिंदाबाद, जीतन राम मांझी मुर्दाबाद। सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेगा हिन्दुस्तान आदि लोग लगा रहे थे। 

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