स्व. चौ. हरमोहन सिंह यादव के जन्म शताब्दी वर्ष समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे।

कानपुर। यूपी में 2022 विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दल जोड़-तोड़ की राजनीति में जुट गये हैं। ऐसे में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की मुश्किले कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब सपा के मजबूत गढ़ पूर्व राज्यसभा सदस्य स्व. चौ. हरमोहन सिंह यादव के परिवार में बीजेपी ने सेंधमारी कर ली है। दरअसल, 18 अक्टूबर को पिता स्व. चौ. हरमोहन सिंह यादव के जन्म शताब्दी वर्ष समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ सुखराम सिंह यादव के निमंत्रण पर कार्यक्रम में शामिल होंगे। जिससे मुलायम सिंह यादव व शिवपाल के बेहद करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद व विधान परिषद अध्यक्ष रहे सुखराम सिंह यादव बीजेपी में शामिल हो सकते हैं।

गौरतलब है कि कानपुर के मेहरबान सिंह का पुरवा में बनी चौधरी हरमोहन सिंह की कोठी सपा का गढ़ रही है। मुलायम सिंह यादव चौधरी हरमोहन सिंह की सियासी समझ के कायल थे। वह मानते थे कि चौ. हरमोहन सिंह की न सिर्फ जमीनी पकड़ है बल्कि सभी पार्टियों के साथ उनके रिश्ते उन्हें खास बनाते है। अपनी पार्टी के प्रसार के इरादे से ही उन्होंने चौ. हरमोहन सिंह को अपने करीबियों में शामिल किया था। चौ. हरमोहन सिंह को लेकर उनके परिवार में जो भी बड़े आयोजन हुए उसमें सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार का ही दबदबा रहा है, लेकिन बीते 2 सालों से इस रिश्ते में लगातार दूरी देखी जा रही है। कहा जा रहा है कि पिछली बार इस कुनबे के भाजपाई होने में जो कसर रह गई थी वह इस बार पूरी हो जाएगी। वहीं हाल ही में कानपुर से शुरू हुई अखिलेश यादव के विजय रथ यात्रा से भी सपा सांसद ने पूरी तरह दूरी बनाकर रखी थी।

सीएम योगी आदित्यनाथ को भेजा निमंत्रण

वहीं 18 अक्टूबर को पिता स्व. चौ. हरमोहन सिंह यादव के जन्म शताब्दी समारोह में सीएम योगी आदित्यनाथ और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सुखराम सिंह यादव के निमंत्रण पर कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के तय होने के बाद से ही राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई हैं। वहीं बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पहले ही कह चुके हैं कि सुखराम सिंह यादव का परिवार अब बीजेपी के साथ है। बताया जा रहा है कि ऐसा दूसरी बार है जब सपा सांसद ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष को निमंत्रण दिया है।

बीजेपी से सुखराम सिंह की बढ़ी नजदीकियां  

सुखराम सिंह के बेटे चौधरी मोहित यादव ने बताया कि सीएम योगी का जो भी आदेश होगा, उसे माना जाएगा। अच्छा काम करने वालों की सराहना करनी चाहिए। युवा के नाते हम मुख्यमंत्री के कार्य की सराहना करते हैं। इस बात से साफ है कि मोहित का बीजेपी में जाना लगभग तय है। फिलहाल पिता के बीजेपी में शामिल होने को लेकर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। लेकिन बीजेपी की नजदीकियां सुखराम सिंह यादव से लगातार बढ़ती जा रही हैं।  

ओबीसी वोट बैंक में अच्छी पकड़

सुखराम सिंह की यादव और ओबीसी वोट बैंक में अच्छी पकड़ है। वे अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। ऐसे में चुनाव से पहले भाजपा ओबीसी और यादव वोट बैंक में अच्छी पकड़ बनाना चाहती है। कानपुर नगर और देहात की लगभग सभी सीटों पर ओबीसी वोट बैंक अच्छी तादाद में है। वहीं इसका असर पूरे प्रदेश के ओबीसी वोट बैंक पर पड़ना तय है।

कार्ड पर मुलायम सिंह की फोटो सबसे ऊपर 

राज्यसभा सांसद सुखराम सिंह यादव सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को कभी अपना नेता नहीं माना। क्योंकि वो आज भी मुलायम सिंह यादव को अपना नेता मानते हैं। मुलायम सिंह की वजह से ही सुखराम सिंह को राज्यसभा सांसद के लिए वर्ष-2016 में मनोनीत किया गया था। यही कारण है कि कार्यक्रम के कार्ड पर उन्होंने मुलायम सिंह यादव की फोटो को सबसे ऊपर लगाया है। चौधरी हरमोहन सिंह का जब 2012 में निधन हुआ तो पूरा यादव कुनबा शामिल हुआ था।

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