इस मामले में एफआईआर करने के लिए परिवाद पत्र को पटना के कोतवाली थाने भेजा गया है।

पटना। बिहार विधानसभा (Bihar Assembly) में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और उनकी बड़ी बहन मीसा भारती (Misa Bharti) सहित छह लोगों के खिलाफ कोर्ट ने प्राथिमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। इस मामले में FIR करने के लिए परिवाद पत्र को पटना के कोतवाली थाने भेजा गया है। लालू परिवार के इन दोनों सदस्यों समेत छह के खिलाफ पांच करोड़ रुपये लेकर टिकट नहीं देने का आरोप है। वहीं तेजस्वी यादव पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है।

 जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता व अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने पटना के सीजेएम की अदालत में 18 अगस्त को एक परिवाद पत्र दायर किया था। उसमें संजीव कुमार सिंह ने बिहार विधानसभा में तेजस्वी यादव, राज्यसभा सदस्य मीसा भारती और बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा समेत छह लोगों पर आरोप लगाया है। दायर परिवाद में कहा है कि साल 2019 लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriya Janata Dal) ने टिकट देने के नाम पर उनसे पांच करोड़ रुपये लिए। इसके बाद भी उन्हें टिकट नहीं दिया गया।

विधानसभा चुनाव में नहीं दिया टिकट

आरोप लगाया कि उन्हें यह आश्वासन दिया गया कि विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट दिया जाएगा, लेकिन उस समय भी नहीं मिला। इसी मामले में अब कोर्ट ने आदेश दिया है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश पटना के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विजय किशोर सिंह की अदालत ने दिया है।  

भाइयों के बीच राजनीतिक दूरी 

गौरतलब है कि मीसा भारती राज्यसभा सदस्य हैं और तेजस्वी यादव बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं। लालू परिवार में पिछले कुछ समय में भाइयों के बीच राजनीतिक दूरी बढ़ी है। तेजस्वी और तेज प्रताप यादव के बीच चल रही अनबन से पार्टी लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। ऐसे में यह आरोप पार्टी और इसके शीर्ष नेताओं की परेशानी बढ़ा सकता है।

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